उत्तराखंड में महापौरों की 117वीं बैठक का आयोजन
महापौरों की बैठक का उद्घाटन
उत्तराखंड: ऋषिकेश में शुक्रवार को ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स (एआईसीएम) की 117वीं कार्यकारी समिति की बैठक का भव्य शुभारंभ हुआ। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से महापौरों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह सम्मेलन शहरी विकास, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श का एक बड़ा मंच है। उन्होंने बताया कि विभिन्न शहरों के महापौर अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे नगरीय प्रशासन को और अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने में मदद मिलेगी।
LIVE: ऋषिकेश में अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति की बैठक
https://t.co/J5UBCMhhLy— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 3, 2026
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में शहरों को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास जैसी योजनाओं ने नगर निकायों को नई दिशा दी है। केंद्र और राज्य सरकारें नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
सीएम धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस राष्ट्रीय समागम से निकलने वाले सुझाव सभी नगर निकायों के लिए मार्गदर्शक साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इस चर्चा से प्राप्त निष्कर्ष शहरी क्षेत्रों को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और विकासशील बनाने में सहायक होंगे। साथ ही, गरीब और वंचित वर्ग तक सरकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में महापौरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे सीधे जनता से जुड़े होते हैं और शहरों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझते हैं। ऐसे सम्मेलन राज्यों और नगर निकायों के बीच समन्वय बढ़ाने के साथ-साथ विकास के नए मॉडल तैयार करने का अवसर प्रदान करते हैं।
सम्मेलन के शुभारंभ के साथ ही विभिन्न सत्रों में शहरी प्रशासन, कचरा प्रबंधन, स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरणीय चुनौतियों और नागरिक सुविधाओं के विस्तार जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें देशभर के महापौर अपने सुझाव और अनुभव साझा करेंगे।
