उत्तराखंड में मानसून: भारी बारिश से नदियों में बाढ़, बद्रीनाथ हाईवे बंद
उत्तराखंड में मानसून की स्थिति
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून के आगमन के साथ, लगातार हो रही बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन यह कई समस्याओं का कारण भी बन गई है। राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलधार बारिश के चलते नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जिससे सड़कें बाधित हो गई हैं और आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। स्थानीय प्रशासन मलबा हटाने में जुटा हुआ है।
रिवर राफ्टिंग पर रोक
भारतीय मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि उत्तराखंड में मानसून सक्रिय है, जिसके कारण राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और बद्रीनाथ हाईवे कई स्थानों पर बंद कर दिए गए हैं। सुरक्षा के दृष्टिकोण से, ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग पर रोक लगा दी गई है। बुधवार को चमोली जिले में गुलाबकोटी के पास भारी मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया।
बागेश्वर में बारिश का आंकड़ा
मौसम विभाग के निदेशक सीएस तोमर ने बताया कि बुधवार तक देहरादून में 62 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि बागेश्वर में 98 मिमी बारिश हुई। आईएमडी के अनुसार, अगले तीन दिनों तक राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मध्यम बारिश की संभावना है, और कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
बागेश्वर में अलर्ट और स्कूलों की छुट्टी
बागेश्वर में मूसलधार बारिश के कारण पहाड़ों से मलबा सड़कों पर आ गया है, जिससे 14 ग्रामीण सड़कों का संपर्क टूट गया है और लगभग 50 गांवों का संपर्क भी बाधित हो गया है। बारिश की स्थिति में सुधार की कोई संभावना नहीं है। प्रशासन मलबा हटाने के लिए मशीनरी का उपयोग कर रहा है। कई क्षेत्रों में बिजली भी गुल है। मौसम विभाग ने बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ा
बद्रीनाथ में अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही में कमी आई है। बद्रीनाथ मार्ग के बंद होने से यात्रियों की संख्या में भी गिरावट आई है। प्रशासन ने यात्रियों को यात्रा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय हाईवे रुद्रप्रयाग जिले में भी बंद हो गया है, जिससे चारधाम यात्रा के श्रद्धालु हाईवे पर फंस गए हैं।
