उत्तराखंड में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर कार्यक्रम का आयोजन
मुख्यमंत्री का विज्ञान और तकनीक पर जोर
उत्तराखंड: यूकॉस्ट द्वारा आयोजित "Mainstreaming Science, Technology and Innovation for a Prosperous Uttarakhand" कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार उत्तराखंड के विकास की नींव हैं। राज्य सरकार अनुसंधान और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि विज्ञान को केवल प्रयोगशालाओं और पुस्तकों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे आम लोगों के जीवन से जोड़ना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में कहा कि आज की दुनिया में प्रगति का निर्धारण प्राकृतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि ज्ञान और नवाचार की क्षमता से होता है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसी तकनीकों के महत्व पर जोर दिया, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन क्षेत्रों में नवाचार से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवा किसी भी मामले में पीछे नहीं हैं, लेकिन उन्हें आधुनिक संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण की आवश्यकता है। सरकार, शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के सहयोग से नवाचार आधारित विकास को गति दी जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प का आधार विज्ञान और तकनीकी नवाचार है। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और अन्य अभियानों के माध्यम से भारत को वैश्विक तकनीकी शक्ति बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की है, जिसका उद्देश्य युवाओं को जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनाना है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूली विद्यार्थियों को नियमित रूप से साइंस सिटी का भ्रमण कराया जाए, ताकि उनमें विज्ञान के प्रति रुचि और नवाचार की भावना विकसित हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी और अन्य आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही, एआई, रोबोटिक्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने सभी वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं से अपील की कि वे विज्ञान और नवाचार को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर उत्तराखंड को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।
इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, यूकॉस्ट के प्रो. दुर्गेश पंत और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
