उत्तराखंड में विश्व बाघ दिवस पर पर्यावरण संरक्षण की पहल
मुख्यमंत्री धामी का पर्यावरण संरक्षण पर जोर
उत्तराखंड: विश्व बाघ दिवस के अवसर पर देहरादून में एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध के प्रभावी कार्यान्वयन और प्रवर्तन पर एक राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाघ संरक्षण से संबंधित चित्र और पोस्टकार्ड का विमोचन किया। इसके साथ ही, उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष में साहसिक कदम उठाने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध का सफल कार्यान्वयन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए जनभागीदारी और जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने उत्तराखंड को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त राज्य बनाने के लिए जन-आंदोलन का आह्वान किया। यह कार्यशाला आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित भविष्य सुनिश्चित करने का सामूहिक संकल्प है।
प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी कार्यान्वयन, जन-जागरूकता और प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रबंधन को बढ़ावा दे रही है… pic.twitter.com/EO92rIJXiG
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 29, 2026
सीएम ने कहा कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि हमारी जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतीक है। यदि जंगल सुरक्षित रहेंगे, तो बाघ भी सुरक्षित रहेंगे। भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता का स्वरूप माना गया है। उत्तराखंड अपनी जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के लिए देशभर में जाना जाता है। कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व इस विरासत के प्रतीक हैं।
सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण, नदियों और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। प्लास्टिक का वन्यजीवों के भोजन में मिलना उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि जंगलों और नदियों की सुरक्षा के लिए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाना आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान जैसी पहलों ने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप दिया है। राज्य सरकार भी इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चला रही है। चारधाम यात्रा मार्गों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही, प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रबंधन और रीसाइक्लिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
सीएम ने लोगों से कपड़े के थैले और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भी अपील की कि वे प्राकृतिक स्थलों पर प्लास्टिक या अन्य कचरा न छोड़ें। उद्योग जगत से इको-फ्रेंडली पैकेजिंग और रीसाइक्लिंग तकनीकों को अपनाने का अनुरोध किया गया है।
