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उत्तराखंड विश्वविद्यालय में पेपर लीक: दो परीक्षाएं रद्द, आरोपी प्रोफेसर पर कार्रवाई

उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में हाल ही में एक पेपर लीक का मामला सामने आया है, जिसके चलते दो परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। जांच में एक सहायक प्रोफेसर पर परीक्षा की गोपनीयता भंग करने का आरोप लगा है, जिसके बाद उन्हें सात साल तक परीक्षा से संबंधित कार्यों से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह घटना उस समय हुई है जब देशभर में नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और विश्वविद्यालय की कार्रवाई के बारे में।
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उत्तराखंड विश्वविद्यालय पेपर लीक की ताजा जानकारी


उत्तराखंड विश्वविद्यालय पेपर लीक की जानकारी: वर्तमान में दिल्ली में नीट पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इसी बीच, उत्तराखंड में भी एक पेपर लीक का मामला सामने आया है। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UTU) में सम सेमेस्टर परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत मिली। इसके परिणामस्वरूप, विश्वविद्यालय ने दो विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। जांच में एक सहायक प्रोफेसर पर परीक्षा की गोपनीयता भंग करने का आरोप लगा है, जिसके चलते उन्हें अगले सात वर्षों तक परीक्षा से संबंधित सभी कार्यों से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह घटना उस समय हुई है जब देशभर में NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों और विपक्षी दलों का विरोध जारी है।


उत्तराखंड पेपर लीक का विवरण

यह मामला सत्र 2025-26 की सम सेमेस्टर परीक्षाओं से संबंधित है। UTU को मैकेनिकल लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स विषय के पेपर के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके बाद, विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया। साथ ही, संबंधित संस्थान शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून ने भी अपनी जांच शुरू की। जांच में यह सामने आया कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले बाहरी निर्माता और सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता ने परीक्षा से पहले प्रश्न छात्रों के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप के माध्यम से साझा किए।


जांच में दो विषयों के पेपर लीक का खुलासा

विश्वविद्यालय की जांच समिति ने परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि इसी शिक्षक द्वारा तैयार किया गया इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी विषय का प्रश्नपत्र भी लीक हुआ था। इस गंभीरता को देखते हुए, विश्वविद्यालय ने दोनों विषयों की पहले आयोजित परीक्षाओं को निरस्त करने का निर्णय लिया। UTU के परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीके पटेल के अनुसार, रद्द की गई परीक्षाओं का आयोजन अगस्त के तीसरे सप्ताह में किया जाएगा। परीक्षा की नई तारीख और केंद्रों की जानकारी विश्वविद्यालय द्वारा अलग से जारी की जाएगी।


आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई

प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग करने के मामले में विश्वविद्यालय ने सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। उन्हें अगले सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की किसी भी परीक्षा से जुड़े कार्यों में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को भी भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्क रहने और परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत करने की चेतावनी दी गई है। UTU ने जांच के बाद कार्रवाई करते हुए परीक्षाएं रद्द कर दोबारा आयोजन का निर्णय लिया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है।