उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन का पंजाब यूनिवर्सिटी दौरा और मनीष तिवारी की अपील
पंजाब यूनिवर्सिटी में उद्घाटन समारोह
शुक्रवार को उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने पंजाब यूनिवर्सिटी का दौरा किया, जहां उन्होंने अडवांस्ड इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी की उपस्थिति ने चर्चा का विषय बना दिया। उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में मनीष तिवारी की राजनीतिक स्थिति को समझते हुए कहा कि वह एक महान राष्ट्रवादी हैं और चीजों की गहराई को समझते हैं। इससे पहले, तिवारी ने उपराष्ट्रपति से अनुरोध किया था कि आंध्र प्रदेश की तरह चंडीगढ़ में भी AI और क्वांटम कंप्यूटिंग पर रिसर्च के लिए केंद्रीय फंडिंग की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में अन्य अतिथि
इस कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर आशिम कुमार घोष, वाइस चांसलर मीनाक्षी गोयल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। उपराष्ट्रपति ने पंजाब यूनिवर्सिटी के टेक इनोवेशन फोरम और सोफिस्टिकेटेड अनैलटिकल इंस्ट्रूमेंट फैसिलिटी/सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन लैबोरेटरीज (SAIF/CIL) का भी उद्घाटन किया।
मनीष तिवारी की अपील
मनीष तिवारी ने पंजाब यूनिवर्सिटी के लिए केंद्रीय फंडिंग की मांग करते हुए एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, 'मैंने उपराष्ट्रपति से कहा कि आंध्र प्रदेश में AI और क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए 730 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है, उसी तरह चंडीगढ़ में सेमीकंडक्टर और रोबोटिक्स पर रिसर्च के लिए भी केंद्रीय फंडिंग होनी चाहिए।' उन्होंने उपराष्ट्रपति से आग्रह किया कि वह इस मुद्दे को भारत सरकार के समक्ष उठाएं।
उपराष्ट्रपति का जवाब
उपराष्ट्रपति ने मनीष तिवारी के अनुरोध का जवाब देते हुए कहा, 'मैं उनकी राजनीतिक मजबूरियों को समझता हूं। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश को कुछ मिला है, लेकिन मेरा दृष्टिकोण अलग है। पंजाब यूनिवर्सिटी को पहले से ही 80 प्रतिशत केंद्रीय फंडिंग मिल चुकी है।' उन्होंने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि विश्वविद्यालय में नवीनतम वैज्ञानिक विषय पढ़ाए जाएं और इस पर काम जल्द शुरू किया जाएगा।
