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एचडीएफसी बैंक ने राजीव कुमार को नया चेयरमैन नियुक्त किया

एचडीएफसी बैंक ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को अपने नए पार्ट-टाइम चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया है। यह नियुक्ति पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद हुई है। जानें इस नियुक्ति के पीछे की कहानी और राजीव कुमार का राजनीतिक इतिहास। क्या यह बदलाव बैंक के लिए सकारात्मक साबित होगा? जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
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एचडीएफसी बैंक में नई नियुक्ति

एचडीएफसी बैंक, जो भारत के प्रमुख निजी बैंकों में से एक है, ने सोमवार को पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को अपने पार्ट-टाइम (नॉन-एग्जीक्यूटिव) चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया। यह पद पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के मार्च में इस्तीफे के बाद से खाली था।


राजीव कुमार का राजनीतिक इतिहास

राजीव कुमार, जो एक पूर्व IAS अधिकारी हैं, अपने कार्यकाल के दौरान विपक्ष के आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं।


शेयरहोल्डर की मंजूरी की आवश्यकता

एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने 29 जून को राजीव कुमार को 30 जून, 2026 से चार साल के लिए एडिशनल (इंडिपेंडेंट) डायरेक्टर के रूप में नियुक्त करने की स्वीकृति दी है। हालांकि, उनके पार्ट-टाइम चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभालने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी आवश्यक है। इसके अलावा, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में उनकी नियुक्ति के लिए शेयरहोल्डर की स्वीकृति भी जरूरी होगी।


अतनु चक्रवर्ती का इस्तीफा

मार्च में अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद, बैंक के बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर केकी मिस्त्री ने अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन का कार्यभार संभाला था। आरबीआई ने उन्हें 90 दिन का एक्सटेंशन दिया था, जो अब समाप्त हो चुका है।


अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च, 2026 को अचानक यह कहते हुए पद छोड़ा कि पिछले दो वर्षों में बैंक में हुई कुछ घटनाएं और प्रक्रियाएं उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थीं।


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