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एनआईए ने पंजाब रेलवे विस्फोट मामले में चार्जशीट दाखिल की

पंजाब में शंभू और राजपुरा रेलवे स्टेशनों के बीच हुए विस्फोट के मामले में एनआईए ने छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। यह विस्फोट खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स से जुड़ा हुआ है, जिसमें एक खालिस्तानी ऑपरेटिव की मौत भी हुई थी। चार्जशीट में विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, और जांच एजेंसी ने इस साजिश के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी का हाथ होने का दावा किया है।
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पंजाब में विस्फोट की जांच

पंजाब में शंभू और राजपुरा रेलवे स्टेशनों के बीच हुए विस्फोट के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। यह विस्फोट 27 अप्रैल, 2026 को खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के एक कथित ऑपरेटिव से संबंधित बताया गया है, जिसमें खालिस्तानी ऑपरेटिव जग्गरूप सिंह की विस्फोटक तैयार करते समय मृत्यु हो गई।


चार्जशीट में शामिल आरोपी

विशेष एनआईए कोर्ट में शनिवार को दाखिल की गई चार्जशीट में गुरजिंदर सिंह उर्फ बियांत बाबा, सतनाम सिंह, परदीप सिंह उर्फ खालसा, कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और मनजीत सिंह को आरोपी बनाया गया है।


आरोपों की धाराएं

एनआईए ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, रेलवे एक्ट, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।


विस्फोट का स्थान

एनआईए के अनुसार, 27 अप्रैल, 2026 को शंभू और राजपुरा रेलवे स्टेशनों के बीच भारतीय डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की रेलवे लाइन पर किलोमीटर संख्या 1174-5 के पास विस्फोट हुआ था। एजेंसी का आरोप है कि इस घटना के पीछे खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना थी, जिसका उद्देश्य पंजाब में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ना और कानून-व्यवस्था को अस्थिर करना था।


साजिश का मास्टरमाइंड

जांच एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी और मृतक जग्गरूप सिंह पाकिस्तान स्थित रणजीत सिंह उर्फ नीटा की साजिश का हिस्सा थे। एनआईए ने यह भी दावा किया है कि रणजीत सिंह खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स से जुड़ा हुआ है और उसे नामित आतंकवादी घोषित किया गया है। इस साजिश का मुख्य उद्देश्य खालिस्तानी विचारधारा को बढ़ावा देना और आतंकी संगठन के लक्ष्यों को आगे बढ़ाना था।