एनएफआर और आईआईटी गुवाहाटी का एआई-आधारित मालगाड़ी निरीक्षण प्रणाली का विकास
प्रोजेक्ट दृष्टि का उद्घाटन
मालीगांव: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने आईआईटी गुवाहाटी के सहयोग से एक नई एआई-आधारित तकनीकी पहल, प्रोजेक्ट दृष्टि, की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में मालगाड़ी के वैगनों की सुरक्षा और कार्यक्षमता को बढ़ाना है। इस प्रणाली का औपचारिक उद्घाटन 25 सितंबर, 2026 को एनएफआर के मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में किया गया। प्रोजेक्ट दृष्टि का लक्ष्य माल वैगनों के दरवाज़ों, तालों और सील की निगरानी को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुदृढ़ करना है। यह प्रणाली हाई-स्पीड कैमरे, इंटेलिजेंट लाइटिंग, सुरक्षित नेटवर्किंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करती है, जिससे वैगनों के तालों और सील की स्थिति की बेहतर निगरानी संभव हो सकेगी।
महाप्रबंधक का संबोधन
इस अवसर पर एनएफआर के महाप्रबंधक, श्री चेतन कुमार श्रीवास्तव ने माल परिवहन की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, जो देश की आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने में सहायक है। उन्होंने बताया कि भौगोलिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के कारण, इस क्षेत्र में सड़क परिवहन कठिन है, जिससे रेलवे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है। उन्होंने मालगाड़ी के डिब्बों के दरवाज़ों को सुरक्षित रूप से बंद करने और सील करने की प्रक्रिया के महत्व पर भी प्रकाश डाला। पहले यह कार्य मानवीय प्रयासों पर निर्भर था, जिससे समय की बर्बादी होती थी, विशेषकर रात के समय और खराब मौसम में। प्रोजेक्ट दृष्टि इन समस्याओं का समाधान तकनीकी निरीक्षण के माध्यम से करता है।
प्रणाली की कार्यप्रणाली
जब ट्रेनें निर्धारित मॉनिटरिंग प्वाइंट्स से गुजरती हैं, तो यह प्रणाली वैगनों की जांच करती है, वैगन नंबरों की पहचान करती है और उनके दरवाज़ों, तालों और सील की स्थिति का मूल्यांकन करती है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि सील और ताल सही हैं या किसी समस्या का समाधान आवश्यक है। यह प्रणाली जांच के परिणामों को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड करने में भी मदद करेगी, जिससे रेल कर्मचारी समय पर कार्रवाई कर सकेंगे।
तकनीकी समाधान का महत्व
तकनीक पर आधारित मॉनिटरिंग से कंसाइनमेंट की सुरक्षा, समय की बचत और रेलवे के आरपीएफ व वाणिज्यिक कर्मचारियों के कार्य को सरल बनाने में मदद मिलेगी। संभावित अनियमितताओं की त्वरित पहचान से माल ढुलाई की निगरानी में सुधार होगा और मानवीय निरीक्षण पर निर्भरता कम होगी।
शैक्षणिक और तकनीकी सहयोग
एनएफआर और आईआईटी गुवाहाटी के बीच यह सहयोग, माल परिवहन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए शैक्षणिक विशेषज्ञता और रेलवे के परिचालन अनुभव को एक साथ लाता है। यह पहल रेलवे संचालन को बेहतर बनाने और माल परिवहन की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए तकनीकी समाधानों की क्षमता को दर्शाती है।
भविष्य की संभावनाएँ
महाप्रबंधक ने आईआईटी गुवाहाटी की टीम और एनएफआर के अधिकारियों को इस तकनीकी समाधान को विकसित करने में उनके योगदान के लिए बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रोजेक्ट दृष्टि भविष्य में और अधिक सफल होगा और यह एनएफआर और आईआईटी गुवाहाटी के बीच अन्य सहयोगी परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा।
