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एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपनी अंतिम उड़ान भरी, पुरानी यादों को किया ताजा

भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपनी अंतिम उड़ान भरी, जो उनके करियर की शुरुआत का स्थल रहा है। इस भावुक पल में, उन्होंने अपने पूर्व फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर के साथ 'किरण' ट्रेनर विमान में उड़ान भरी। 1984 में 'स्वोर्ड ऑफ ऑनर' प्राप्त करने वाले एपी सिंह का सफर भारतीय सैन्य इतिहास में अद्वितीय है। जानें उनकी अंतिम उड़ान और स्वदेशी लड़ाकू विमान 'तेजस' के साथ अनुभव के बारे में।
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एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की भावुक विदाई उड़ान

हैदराबाद: भारतीय वायुसेना (IAF) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मंगलवार को अपनी सेवा का अंतिम चरण पूरा करते हुए एक यादगार उड़ान भरी। इस महीने के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले वायुसेना प्रमुख ने हैदराबाद के निकट डुंडीगल में स्थित एयर फोर्स एकेडमी (AFA) में 'किरण' ट्रेनर विमान से अपनी अंतिम ट्रेनिंग उड़ान पूरी की। उड़ान के बाद, वायुसेना की परंपरा के अनुसार, उन्हें भव्य 'वाटर कैनन सैल्यूट' देकर सम्मानित किया गया।


पुरानी यादों के साथ उड़ान
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के लिए यह क्षण उनकी पुरानी यादों को ताजा करने वाला था। उन्होंने अपने पूर्व फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर विंग कमांडर (रिटायर्ड) वीएस कोचर के साथ इस ट्रेनर विमान में उड़ान भरी। डुंडीगल एकेडमी वही ऐतिहासिक स्थल है, जहां से चार दशक पहले उनके शानदार फ्लाइंग करियर की शुरुआत हुई थी और उन्होंने इसी 'किरण' एयरक्राफ्ट से उड़ान भरना सीखा था।


स्वोर्ड ऑफ ऑनर से लेकर शीर्ष पद तक का सफर
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का इस संस्थान से गहरा संबंध रहा है। उन्होंने 1984 में एयर फोर्स एकेडमी से प्रतिष्ठित 'स्वोर्ड ऑफ ऑनर' प्राप्त कर वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया था। एकेडमी से लेकर वायुसेना के सर्वोच्च पद तक का उनका सफर भारतीय सैन्य इतिहास की सबसे गौरवमयी यात्राओं में से एक है।


अंतिम फाइटर सॉर्टी का अनुभव
ट्रेनर विमान की इस विदाई उड़ान से पहले, वायुसेना प्रमुख ने 12 अक्टूबर को अपनी अंतिम फाइटर जेट सॉर्टी पूरी की थी। जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास 'एक्सरसाइज तरंग शक्ति' के दौरान, उन्होंने भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान 'तेजस' में उड़ान भरकर देश की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं पर अपने विश्वास को दर्शाया।