ओडिशा में बाढ़ का खतरा: भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज
ओडिशा में बाढ़ की स्थिति
नई दिल्ली: ओडिशा में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 16 से 18 अगस्त के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी है और कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य सरकार ने भी हाई अलर्ट घोषित कर राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। अब तक 2.37 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में बचाव दलों की तैनाती की है।
प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी
राज्य सरकार के अनुसार, 49 ब्लॉकों की 331 ग्राम पंचायतों और पांच शहरी क्षेत्रों के 947 गांवों में 5.15 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राहत के लिए 293 कैंप स्थापित किए गए हैं। उत्तरी जिलों में बाढ़ का प्रभाव सबसे अधिक देखा जा रहा है। बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज और क्योंझर में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
बिगड़ते हालात के मद्देनजर, राज्य सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और उन्हें तुरंत अपने कार्यस्थल पर लौटने का निर्देश दिया गया है। बालासोर, भद्रक और जाजपुर में राहत कार्यों की निगरानी के लिए तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। तटबंधों की सुरक्षा के लिए जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त इंजीनियर भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए हैं।
बचाव टीमें सक्रिय
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए लगभग 90 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें ODRAF की 36, NDRF की सात और अग्निशामक सेवा की 47 टीमें शामिल हैं। राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने हालात की समीक्षा की है। सरकार का ध्यान प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और निचले इलाकों में समय पर आवश्यक सहायता पहुंचाने पर है।
कम दबाव का प्रभाव
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और मजबूत हो गया है। अगले 24 घंटों में इसके डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा और आसपास के तटीय क्षेत्रों में बारिश बढ़ सकती है। बैतरणी, ब्राह्मणी, सालंदी, जलका और बूढ़ाबलंग नदियों में उफान से कई इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है।
मछुआरों के लिए चेतावनी
IMD ने 16 से 18 अगस्त तक पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास समुद्र में नहीं जाने की सख्त सलाह दी है। प्रशासन लगातार लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील कर रहा है। मौसम की स्थिति को देखते हुए राहत टीमों को तैयार रखा गया है, ताकि बारिश और बाढ़ से उत्पन्न किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
