ओमान तट पर अमेरिकी हमले के बाद भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
अमेरिका द्वारा कमर्शियल जहाज पर हमला
हाल ही में, अमेरिका ने ओमान के तट के निकट एक कमर्शियल जहाज पर हमला किया, जो पलाऊ का झंडा लिए हुए था। इस जहाज पर लगभग 24 भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें से 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि तीन भारतीय अभी भी लापता हैं। भारत सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और बुधवार को अमेरिकी राजनयिक प्रतिनिधि को तलब किया।
भारत का विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि कमर्शियल शिपिंग और बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर स्वतंत्र आवाजाही को जल्द से जल्द बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अमेरिका के आरोप
'सेटेबेलो' नामक जहाज ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी से बचने का प्रयास कर रहा था। अमेरिकी नौसेना ने इस जहाज पर हमला किया और बाद में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि जहाज ने ईरान से तेल ले जाने का प्रयास किया था। अमेरिकी सेना ने कहा कि ओमान के तट पर अमेरिकी निर्देशों का पालन न करने पर जहाज के इंजन रूम पर सटीक हमला किया गया।
भारत की स्थिति
हमले के तुरंत बाद, भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि 'हम ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज सेटेबेलो पर हुए हमले की निंदा करते हैं। जहाज पर मौजूद 24 भारतीय चालक दल में से 21 को बचा लिया गया है। तीन भारतीय लापता हैं।'
तनाव कम करने की अपील
विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में तनाव को तुरंत कम करने की मांग की है, यह कहते हुए कि जहाजों पर हमलों की लगातार घटनाएं चिंताजनक हैं और यह क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का परिणाम हैं। ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर नजर रख रहा है और स्थानीय अधिकारियों के साथ खोजबीन और बचाव अभियान में सहयोग कर रहा है।
