कनिष्क नारायण बने ब्रिटेन के पहले AI मंत्री, मुजफ्फरपुर में खुशी की लहर
ब्रिटेन में भारतीय मूल के सांसद की ऐतिहासिक उपलब्धि
लंदन/मुजफ्फरपुर। भारतीय मूल के लेबर पार्टी के सांसद कनिष्क नारायण ने वैश्विक राजनीति में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। ब्रिटेन की नई एंडी बर्नहैम सरकार में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के तहत उन्हें देश का पहला कैबिनेट स्तर का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मंत्री नियुक्त किया गया है। इस उपलब्धि के साथ, कनिष्क ब्रिटेन के पहले पूर्णकालिक AI मंत्री बन गए हैं, जिससे उनके पैतृक राज्य बिहार, विशेषकर मुजफ्फरपुर में खुशी की लहर दौड़ गई है।
मुजफ्फरपुर से शुरू हुआ सफर
कनिष्क नारायण का जन्म नवंबर 1989 में बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में हुआ था, और उनका पैतृक गांव वैशाली जिले के गोरल में है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध प्रभात तारा स्कूल से प्राप्त की। उनके दादा मुजफ्फरपुर के SKJ Law College के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। कनिष्क का परिवार जब वह लगभग 12 वर्ष के थे, तब ब्रिटेन के वेल्स में बस गया।
शिक्षा और राजनीतिक सफर
कनिष्क ने विश्व प्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और फिर स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से MBA किया। राजनीति में कदम रखने से पहले, उन्होंने ब्रिटिश सरकार के लिए पर्यावरण और व्यापार मंत्रालयों में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कार्य किया। 2024 के ब्रिटिश आम चुनाव में, उन्होंने वेल्स की वेल ऑफ ग्लैमरगन सीट से ऐतिहासिक जीत हासिल की, और वह इस क्षेत्र से चुने जाने वाले पहले अश्वेत और अल्पसंख्यक सांसद बने।
कैबिनेट मंत्री के रूप में नई जिम्मेदारियां
कनिष्क पहले की कीर स्टार्मर सरकार में AI और ऑनलाइन सुरक्षा के जूनियर मंत्री के रूप में कार्यरत थे। उनकी तकनीकी विशेषज्ञता को देखते हुए, नई बर्नहैम सरकार ने इस पद को कैबिनेट स्तर पर अपग्रेड किया है। अब, कनिष्क को ब्रिटेन की AI रणनीतियों को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने, डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने और नई तकनीकों के विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मातृभूमि के प्रति गहरा लगाव
ब्रिटेन में 20 साल से अधिक समय बिताने के बावजूद, कनिष्क अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं। इस वर्ष की शुरुआत में, वह लगभग 24 साल बाद अपनी मातृभूमि बिहार लौटे थे, जहां उनका भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। उन्होंने बिहार और भारत के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बिहार के नागरिकों और राजनेताओं ने उन्हें बधाई दी है।
