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कन्हैया कुमार ने मोदी सरकार पर शिक्षा के मुद्दे को लेकर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी सरकार पर शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि कैसे ओडिशा के पाठ्यक्रम में गलतियां हैं और राजस्थान में परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र के बजाय उत्तर पत्रक दिए गए। कन्हैया ने शिक्षा को एक 'प्रोडक्ट' में बदलने का आरोप लगाया और कहा कि वर्तमान में लाखों लोग बेरोजगार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता की कमी ने इसे मजाक बना दिया है। जानें इस मुद्दे पर कन्हैया कुमार की पूरी बात।
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कन्हैया कुमार ने मोदी सरकार पर शिक्षा के मुद्दे को लेकर उठाए सवाल

कन्हैया कुमार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा पर गंभीर आरोप

नई दिल्ली। कांग्रेस के नेता कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी सरकार पर शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ओडिशा के पाठ्यक्रम में वैज्ञानिक को पायलट के रूप में दर्शाया गया है, जो कि एक बड़ी गलती है। इसके अलावा, राजस्थान में परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र के बजाय उत्तर पत्रक वितरित किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में लाखों लोग बेरोजगार हैं, तो कैसे भारत को विकसित किया जा सकता है? कन्हैया ने कहा कि वर्तमान में शिक्षा को एक 'प्रोडक्ट' में बदल दिया गया है, और यह किसी के लिए भी सुलभ नहीं है। इसके लिए जिम्मेदार वे लोग हैं जो उच्च पदों पर बैठे हैं और अयोग्य हैं।


कन्हैया कुमार ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वे हार्वर्ड वाले नहीं, बल्कि मेहनती लोग हैं। लेकिन उनका यही मेहनत पेपर लीक की घटनाओं में दिखता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो सरकार 'वोट चोरी' कर सकती है, वह पेपर चुराने में भी सक्षम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता की कमी ने इसे मजाक बना दिया है।


उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्पष्ट किया है कि वे शिक्षा पर राजनीति नहीं करना चाहते, लेकिन आज हर माता-पिता को अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता है। बच्चे मानसिक तनाव में हैं, लेकिन बीजेपी के नेता NEET परीक्षा के दोबारा आयोजन पर कुछ नहीं कह रहे हैं। कन्हैया ने कहा कि शिक्षा का मुद्दा राजनीति का नहीं, बल्कि समाज का है।


कन्हैया ने यह भी कहा कि आज शिक्षा पर से आम जनता का विश्वास उठ गया है। सरकार ने शिक्षा को व्यापार बना दिया है और लोग अपनी जेब से अधिक खर्च कर रहे हैं, फिर भी उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कोई गारंटी नहीं है। कांग्रेस पार्टी शिक्षा के मुद्दे को गंभीरता से लेती है और सड़कों पर संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार टेलीग्राम को बैन करके केवल लीपापोती कर रही है।