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कन्हैया कुमार ने मोदी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को ICU में डालने का आरोप लगाया

कन्हैया कुमार ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने भारत की शिक्षा व्यवस्था को ICU में डाल दिया है। उन्होंने राहुल गांधी के साथ मिलकर छात्रों की समस्याओं को सुनने और सुधार लाने की दिशा में कदम उठाने की बात की है। उनकी तीन प्रमुख मांगें हैं: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, शिक्षा व्यवस्था में बदलाव, और युवाओं के लिए नियमित जॉब कैलेंडर। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और NSUI की योजनाओं के बारे में।
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शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर चिंता


नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने कहा है कि मोदी सरकार ने देश की शिक्षा व्यवस्था को ICU में पहुंचा दिया है। उन्होंने बताया कि इस स्थिति को सुधारने के लिए नेता विपक्ष राहुल गांधी देशभर के छात्रों से संवाद कर रहे हैं।




राहुल गांधी ने कोटा में छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ एक प्रजेंटेशन दिया था, जिसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना है। इस मुहिम को देश के विभिन्न हिस्सों में आगे बढ़ाया जा रहा है। हम छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के सुझावों को एकत्रित कर रहे हैं और जल्द ही एक एजुकेशन चार्टर तैयार करेंगे।


कन्हैया कुमार ने तीन प्रमुख मांगें रखीं हैं: पहली, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और पेपर लीक माफिया के संबंधों की जांच; दूसरी, शिक्षा व्यवस्था में बदलाव, जिसके लिए UPA सरकार ने एक समिति बनाई थी, लेकिन NDA सरकार ने NTA को स्थापित किया; तीसरी, युवाओं के लिए नियमित जॉब कैलेंडर और परीक्षा भर्ती प्रक्रियाओं के लिए एक अकादमिक कैलेंडर जारी किया जाए।


उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट में है, और शैक्षणिक संस्थाएं बर्बाद हो रही हैं। छात्रसंघ चुनावों को बंद करने की साजिश के तहत कॉलेज और विश्वविद्यालयों में BJP-RSS के लोग अपनी तानाशाही कायम कर रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति का एक्सटेंशन भी सवाल उठाता है। छात्रों को आवाज उठाने पर मुकदमे की धमकी दी जा रही है। NSUI ने चुनावों के माध्यम से हर कैंपस में अपनी यूनिट बनाने का निर्णय लिया है, ताकि छात्रों को अपनी आवाज उठाने का अवसर मिल सके।