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कराची में गैंगस्टर जुबैर बलोच पर हमला: क्या है पीछे की कहानी?

कराची में गैंगस्टर जुबैर बलोच पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने इलाके में गैंगवार की आशंका को बढ़ा दिया है। जुबैर बलोच का पूर्व आपराधिक इतिहास और हाल की राजनीतिक गतिविधियों के चलते यह मामला और भी जटिल हो गया है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और पुलिस की जांच के बारे में।
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गैंगस्टर जुबैर बलोच पर हमला


नई दिल्ली: कराची से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां गुरुवार शाम को कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच पर अज्ञात हमलावरों ने गोलियों की बौछार कर दी। इस हमले में जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। साथ ही, घटनास्थल पर मौजूद दो अन्य लोग भी जख्मी हुए हैं। तीनों को तुरंत कराची के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां जुबैर की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।


घटना का विवरण

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर बाइक पर सवार थे और उनके चेहरे ढके हुए थे। जब जुबैर बलोच अपने घर के बाहर थे, तभी उन पर फायरिंग की गई। पास की दुकान के मालिक ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसके बाद हमलावर मौके से भाग निकले। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि यह घटना गैंग की आपसी दुश्मनी या पुरानी रंजिश से जुड़ी हो सकती है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।


जुबैर बलोच का पूर्व इतिहास

रिपोर्ट्स के अनुसार, जुबैर बलोच को 2012 में गिरफ्तार किया गया था और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें पिछले साल जनवरी में रिहा किया गया। हाल के महीनों में, उन्होंने एक राजनीतिक दल में शामिल होने की जानकारी दी थी और अपने क्षेत्र में पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस घटना के बाद ल्यारी क्षेत्र में गैंगवार की आशंका बढ़ गई है।


उजैर बलोच के खिलाफ मामले

उजैर बलोच पहले से ही हत्या, पुलिस पर हमले, विस्फोटक रखने और देशद्रोह जैसे गंभीर मामलों का सामना कर रहे हैं। मार्च में पाकिस्तान की एंटी-टेररिज्म कोर्ट ने उससे जुड़े सात मामलों में जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। 2020 में, उसे जासूसी के एक मामले में 12 साल की सजा सुनाई गई थी।