Newzfatafatlogo

कर्नाटक में कांग्रेस की राजनीति में नया मोड़: ईडी की छापेमारी

कर्नाटक में कांग्रेस की राजनीति में एक नया मोड़ आया है जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रभावशाली जरकिहोली परिवार के सदस्यों के ठिकानों पर छापेमारी की। यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब डीके शिवकुमार की सरकार के एक सौ दिन पूरे होने वाले थे। सिद्धारमैया के समर्थक रहे सतीश जरकिहोली अब शिवकुमार के साथ हैं, जिससे कांग्रेस के भीतर खींचतान बढ़ गई है। जानें इस घटनाक्रम का राजनीतिक महत्व क्या है।
 | 

कर्नाटक में राजनीतिक हलचल

कर्नाटक में कांग्रेस की राजनीति में इन दिनों काफी हलचल है। सिद्धारमैया ने अपने अहिंदा वोट बैंक को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की है। इसी बीच, राज्य में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री ने स्थिति को और भी दिलचस्प बना दिया है। ईडी ने उन लोगों को निशाना बनाया है जो पहले सिद्धारमैया के प्रमुख समर्थक रहे हैं, लेकिन अब डीके शिवकुमार के साथ आ गए हैं।


बेलगावी क्षेत्र में प्रभावशाली जरकिहोली परिवार के सदस्य सतीश जरकिहोली के निवास पर ईडी ने छापेमारी की है। इसके साथ ही उनकी सांसद बेटी प्रियंका और अन्य कई लोगों के ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं।


यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उस दिन हुआ जब डीके शिवकुमार की सरकार के एक सौ दिन पूरे होने वाले थे। कांग्रेस के नेता इसे सरकार के लिए एक बाधा के रूप में देख रहे हैं। सतीश जरकिहोली अनुसूचित जनजाति समुदाय से आते हैं और उनका परिवार विभिन्न राजनीतिक दलों में प्रभावशाली है।


सतीश जरकिहोली पहले सिद्धारमैया के अहिंदा समीकरण के प्रमुख समर्थक थे, लेकिन डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने उनका समर्थन करना शुरू कर दिया। इससे सिद्धारमैया के साथ उनकी खींचतान बढ़ गई है। कांग्रेस के भीतर चल रही इस राजनीतिक लड़ाई के बीच, ईडी की छापेमारी ने एक नया मोड़ ले लिया है।