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कर्नाटक में तंबाकू उत्पादों पर एक साल का प्रतिबंध: जानें क्या है नया आदेश

कर्नाटक सरकार ने तंबाकू और निकोटीन से जुड़े उत्पादों पर एक साल का प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। यह आदेश जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है, जिसमें गुटखा और पान मसाला के निर्माण से लेकर बिक्री तक पर रोक लगाई गई है। जानें इस आदेश के पीछे के कारण और इसके प्रभाव के बारे में।
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कर्नाटक सरकार का बड़ा कदम


बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने तंबाकू और निकोटीन से संबंधित उत्पादों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए, राज्य में गुटखा और पान मसाला के उत्पादन और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगा दी गई है। यह आदेश पूरे कर्नाटक में लागू होगा और इसे खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा 15 जून 2026 को जारी किया गया है। यह प्रतिबंध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(a) और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (बिक्री पर निषेध एवं प्रतिबंध) विनियम, 2011 के नियम 2.3.4 के तहत लागू किया गया है.


गुटखा और पान मसाला पर व्यापक रोक

इस अधिसूचना के अनुसार, तंबाकू या निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसका मतलब है कि इन उत्पादों को बनाने से लेकर बाजार में लाने और बेचने तक की सभी प्रक्रियाओं पर प्रतिबंध होगा। सरकार ने इस निर्णय को केवल गुटखा और पान मसाला तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि अन्य तंबाकू या निकोटीन युक्त उत्पाद भी इस रोक के दायरे में आएंगे, चाहे उनका नाम या ब्रांड कुछ भी हो.


पैकेट और खुले उत्पादों पर भी रोक

यह रोक केवल पैक किए गए उत्पादों पर ही नहीं, बल्कि खुले में बेचे जाने वाले सामान पर भी लागू होगी। यदि किसी उत्पाद में तंबाकू या निकोटीन है और उसे अलग-अलग हिस्सों में बेचा जाता है, जिन्हें ग्राहक आसानी से मिलाकर उपयोग कर सकता है, तो वह भी इस प्रतिबंध के अंतर्गत आएगा। अधिसूचना में विशेष रूप से उन गुटखा और पान मसाला उत्पादों का उल्लेख किया गया है, जिनमें तंबाकू या निकोटीन एक सामग्री के रूप में शामिल है.


एक साल तक प्रभावी रहेगा आदेश

सरकार का यह निर्णय तंबाकू और निकोटीन से जुड़े उत्पादों के संभावित स्वास्थ्य प्रभावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। यह अधिसूचना खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त, बेंगलुरु द्वारा जारी की गई है और इसके तहत संबंधित उत्पादों पर लगाया गया प्रतिबंध एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा.