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कर्नाटक में परिवार के पांच सदस्यों की नदी में डूबने से हुई मौत

कर्नाटक के मांड्या जिले में मुथाठी में एक परिवार के पांच सदस्यों की नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना के इकलौते बचे सदस्य रवि ने बताया कि कैसे उनकी बहन के गिरने के बाद परिवार के अन्य सदस्य भी बचाने के प्रयास में नदी में कूद पड़े। यह दर्दनाक हादसा सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाता है, क्योंकि इस क्षेत्र में पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। जानें पूरी कहानी और प्रशासन की प्रतिक्रिया के बारे में।
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दर्दनाक हादसा मुथाठी में

मांड्या(मीडिया चैनल)- कर्नाटक के मांड्या जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मुथाठी में एक भयानक घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों सहित पांच लोगों की जान चली गई। इस हादसे के एकमात्र बचे सदस्य रवि ने गुरुवार को बताया कि कैसे कुछ ही क्षणों में उनका पूरा परिवार कावेरी नदी की तेज धारा में बह गया।


बुधवार शाम को हुए इस हादसे में विजयम्मा (50), श्वेता (38), चैत्रा (20), प्रियंका (28) और परिवार के चालक महेश की मौत हो गई। सभी लोग बेंगलुरु के बयादरहल्ली क्षेत्र के निवासी थे। रवि ने मीडिया से बातचीत में कहा कि परिवार एक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद मुथाठी स्थित कब्बालम्मा और मुथाठीराया मंदिर के दर्शन करने गया था। उन्होंने बताया, 'मंदिर के दर्शन के बाद हम नदी के किनारे गए और पानी में खेल रहे थे। अचानक मेरी बहन विजयम्मा का पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गईं। उन्हें बचाने के लिए मेरी पत्नी श्वेता, बेटी चैत्रा और बहन की बेटी प्रियंका भी नदी में कूद गईं, लेकिन वे भी बह गईं।'


रवि ने आगे कहा कि परिवार का चालक महेश भी उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़ा, लेकिन वह भी तेज धारा में बह गया। रवि ने कहा, 'मैं भी उन्हें बचाने के लिए नदी में उतरा, लेकिन मैं भी बहाव में फंस गया। सौभाग्य से कुछ लोगों ने मुझे बाहर निकाल लिया, लेकिन बाकी सभी लोग कावेरी नदी में बह गए।' उन्होंने बताया कि यह सब कुछ ही मिनटों में हुआ। रवि ने कहा, 'मेरी बहन के गिरते ही मेरी पत्नी उन्हें बचाने दौड़ीं। फिर एक-एक कर अन्य लोग भी बचाव के लिए नदी में उतरते गए। मैंने अपना मोबाइल पास खड़े एक बच्चे को दिया और नदी में कूद पड़ा। मैं भी धारा में फंस गया था, लेकिन वहां मौजूद मछुआरों ने मुझे बचा लिया।'


घटना के बाद अग्निशामक और आपातकालीन सेवा विभाग की टीम ने सभी पांच शवों को नदी से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए मांड्या इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एमआईएमएस) अस्पताल भेजा। मांड्या के उपायुक्त डॉ. कुमार ने गुरुवार को अस्पताल जाकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा बुधवार शाम करीब 4:30 बजे हुआ, जब परिवार के सदस्य कावेरी नदी के किनारे फोटो खिंचवा रहे थे। उपायुक्त ने कहा, 'जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति का पैर फिसलकर नदी में चला गया। उसे बचाने के प्रयास में अन्य सदस्य भी पानी में उतरे और तेज धारा में बह गए। यह बेहद दुखद घटना है।'


उन्होंने बताया कि मुथाठी क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं। डॉ. कुमार ने कहा, 'हर साल यहां चार से पांच ऐसे हादसे होते हैं। पिछले वर्ष चार और उससे पहले पांच डूबने की घटनाएं दर्ज की गई थीं। औसतन हर साल पांच से छह लोग इस स्थान पर डूबने का शिकार होते हैं।' उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने पहले ही पुलिस विभाग के साथ बैठकें कर सुरक्षा उपायों पर चर्चा की है और पर्यटकों को सतर्क करने के लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। इस बीच, एमआईएमएस अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। वहीं, हादसे से कुछ समय पहले नदी में खेलते हुए मृतकों का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।