कर्मचारियों के लिए राहत: यूपीएस योजना में कोई बदलाव नहीं होगा
यूपीएस योजना पर वित्त मंत्री का स्पष्ट बयान
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत देने वाली सूचना आई है। यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के बंद होने या उसमें बदलाव की अटकलों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से पूर्ण विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार यूपीएस को बदलने या इसके स्थान पर कोई नई योजना लाने का कोई इरादा नहीं रखती। इसका मतलब है कि सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट को सुरक्षित करने वाली यह योजना पहले की तरह जारी रहेगी।
कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि
वित्त मंत्री ने संसद में जानकारी दी कि 19 जुलाई 2026 तक 1,18,195 कर्मचारियों ने यूपीएस का विकल्प चुना है। इनमें नई भर्ती वाले, वर्तमान और पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हैं। मोदी सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत इस योजना की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ डाले बिना कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित मासिक पेंशन प्रदान करना है।
पुराने कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ
यूपीएस का लाभ केवल वर्तमान कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। नियमों के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक एनपीएस के तहत कम से कम 10 साल की नियमित सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा, यदि किसी पात्र कर्मचारी का निधन हो जाता है, तो उनके कानूनी जीवनसाथी भी इस पेंशन योजना के लाभ के हकदार होंगे।
योजना की डेडलाइन और लाभ
कर्मचारियों की मांग को देखते हुए, सरकार ने यूपीएस का विकल्प चुनने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 नवंबर 2025 कर दिया है। इस योजना को अपनाने वाले कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, मृत्यु या किसी अनहोनी की स्थिति में CCS पेंशन नियमों का पूरा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, उन्हें एनपीएस के समान टैक्स लाभ भी दिए जाएंगे। यूपीएस चुनने वाले कर्मचारियों को भविष्य में एक बार के लिए एनपीएस में लौटने का विकल्प भी दिया गया है।
