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कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी की सभा को दी अनुमति, जुलूस पर रोक

कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी को 11 सितंबर 2026 को हुगली में एक राजनीतिक सभा आयोजित करने की अनुमति दी है, लेकिन जुलूस निकालने पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने सभा के लिए शर्तें निर्धारित की हैं, जिसमें उपस्थित लोगों की संख्या 2,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह कार्यक्रम 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद सुश्री बनर्जी का कोलकाता के बाहर पहला राजनीतिक कार्यक्रम होगा। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में और क्या निर्देश दिए गए हैं।
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ममता बनर्जी को सभा की अनुमति


कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ममता बनर्जी को 11 सितंबर 2026 को हुगली के श्रीरामपुर (महेश) में एक राजनीतिक सभा आयोजित करने की अनुमति दी है, लेकिन जुलूस निकालने पर रोक लगा दी गई है। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कालीघाट तृणमूल कांग्रेस को महेश में जगन्नाथ देव स्नानपिरी मैदान में सभा करने की शर्तों के साथ अनुमति दी।


अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि सभा दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच होनी चाहिए और इसमें उपस्थित लोगों की संख्या 2,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। कालीघाट तृणमूल ने महेश से श्रीरामपुर तक विरोध जुलूस निकालने और उसके बाद सुश्री बनर्जी की एक जनसभा आयोजित करने की योजना बनाई थी। चिनसुराह के पूर्व विधायक असित मजूमदार ने जुलूस की अनुमति के लिए पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन उनका अनुरोध अस्वीकृत कर दिया गया। पुलिस ने कहा कि इससे व्यस्त जीटी रोड पर यातायात बाधित हो सकता है।


इसके बाद तृणमूल ने अनुमति न मिलने को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया। अदालत ने सभा की अनुमति देते हुए स्पष्ट किया कि कार्यक्रम के हिस्से के रूप में कोई जुलूस नहीं निकाला जा सकता है। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि सभा में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले भड़काऊ बयान नहीं दिए जाने चाहिए। राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया गया कि कोई अप्रिय घटना न हो।


आयोजकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे गुरुवार रात 8 बजे तक पुलिस को कार्यक्रम में मौजूद रहने वाले स्वयंसेवकों की सूची उनके फोन नंबरों के साथ सौंपें। श्रीरामपुर का यह कार्यक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद सुश्री बनर्जी का कोलकाता के बाहर पहला राजनीतिक कार्यक्रम होगा। उल्लेखनीय है कि चुनाव के बाद से उनके सभी राजनीतिक कार्यक्रम अब तक कोलकाता में ही आयोजित किए गए हैं।