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कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को भेजा अवमानना नोटिस

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह नोटिस तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली से संबंधित है, जो 2018 के कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करती है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और आगामी सुनवाई की तारीख।
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को भेजा अवमानना नोटिस

अवमानना नोटिस का मामला

कलकत्ता - कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को अदालत की अवमानना के मामले में नोटिस जारी किया है।


यह नोटिस तृणमूल कांग्रेस द्वारा आयोजित शहीद दिवस रैली से संबंधित है, जो 21 जुलाई 2025 को आयोजित की गई थी। इस रैली ने 2018 में कलकत्ता हाईकोर्ट के दिए गए आदेश का उल्लंघन किया, जिसमें सभी राजनीतिक दलों को निर्देश दिया गया था कि वे शहर के किसी भी मार्ग को अवरुद्ध न करें।


हाल ही में, कलकत्ता हाईकोर्ट में इस रैली के संबंध में अवमानना याचिका दायर की गई थी। यह याचिका जस्टिस अरिजित बनर्जी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत की गई। प्रारंभिक सुनवाई के बाद, खंडपीठ ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को अवमानना का नोटिस जारी करने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।


2018 में, कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने स्पष्ट किया था कि कोई भी राजनीतिक दल शहर के मुख्य हिस्सों को अवरुद्ध नहीं कर सकता। न्यायमूर्ति ज्योतिर्मय भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी ने कहा था कि सड़क का एक हिस्सा हमेशा पैदल चलने वालों और वाहनों के लिए खुला रहना चाहिए, विशेषकर आपातकालीन स्थितियों में।


हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया था कि वे मीडिया के माध्यम से ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी लोगों तक पहुंचाएं। इसके अलावा, कोर्ट ने चेतावनी दी थी कि यदि राजनीतिक रैली के दौरान कोई हिंसा या तोड़फोड़ होती है, तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


हाल ही में एक और याचिका दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि 21 जुलाई 2022 को तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली के दौरान 2018 के आदेश का उल्लंघन हुआ। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि टीएमसी की रैली ने सेंट्रल कोलकाता के एस्प्लेनेड में एक महत्वपूर्ण जंक्शन को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया, जिससे आम जनता को कठिनाई का सामना करना पड़ा।