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कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने SIR पर उठाए सवाल, लोकतंत्र को खतरे में बताया

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे भाजपा द्वारा लोकतंत्र को खत्म करने का एक उपकरण बताया है। खरगे ने यह भी कहा कि SIR के तहत कई प्रमुख भाजपा नेताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा, उन्होंने बंगाल में मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के अधिकारों की बहाली की बात की है। क्या अब भारत में VIP और सामान्य मतदाताओं के बीच भेदभाव हो रहा है? जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
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SIR पर कांग्रेस का कड़ा रुख

नई दिल्ली। देश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों के नेता इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने SIR पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने कहा कि बिहार से शुरू हुआ SIR अब दिल्ली में भी पहुंच चुका है। इससे सत्ताधारी दल को यह समझ में आ रहा है कि कांग्रेस पार्टी ने इस प्रक्रिया को पहले दिन से ही क्यों 'Flawed' कहा था। खरगे ने इसे भाजपा द्वारा वोटों की चोरी और लोकतंत्र को समाप्त करने का एक उपकरण बताया, जिसे अब खुद भाजपा के लोग भी महसूस कर रहे हैं।


भाजपा के कई प्रमुख नेता, जैसे कि लालकृष्ण आडवाणी, मौजूदा विदेश मंत्री, दिल्ली के उपराज्यपाल, राज्यसभा सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री, सभी को नोटिस जारी किया गया है। इससे पहले, भारत रत्न से सम्मानित वैज्ञानिक और पूर्व नौसेना प्रमुख को भी नोटिस मिल चुका है।


खरगे ने आगे कहा कि बंगाल में जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, उनमें से 93% ने अपनी अपील जीत ली है, जिससे 1,13,943 लोगों को फिर से मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि किस आधार पर इन लोगों का मताधिकार छीना गया? चुनाव आयोग ने हाल ही में 'VIP/marked electors' का उल्लेख किया है। क्या अब भारत में मतदाताओं की कोई विशेष श्रेणी है—VIP और सामान्य मतदाता? क्या संविधान द्वारा दिए गए 'One Person, One Vote, One Value' के सिद्धांत का उल्लंघन नहीं हो रहा है? क्या VIP वोट अब अधिक मूल्यवान हो गए हैं?


SIR के पहले तीन चरणों में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 13.8 करोड़ मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं, जो कि 94.78 करोड़ मतदाताओं का लगभग 14.61% है। इस पर सवाल उठाते हुए खरगे ने कहा कि आम मतदाताओं के लिए चुप्पी और VIPs के लिए प्रेस विज्ञप्ति क्यों?