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कांग्रेस का प्रदर्शन: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। भारी बारिश के बावजूद, पार्टी के नेता और कार्यकर्ता विधानसभा की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान झड़पें हुईं और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो रही हैं और उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाई। जानें इस प्रदर्शन की पूरी कहानी और कांग्रेस के नेताओं के बयान।
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कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन


कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। इस दौरान, जब कांग्रेस कार्यकर्ता विधानसभा की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे, तो पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गई।


उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय, पार्टी के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा के नेतृत्व में प्रदर्शन शुरू हुआ। भारी बारिश के बावजूद, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अवरोधक लगाए।


कांग्रेस कार्यकर्ता, जो चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ थे, अवरोधकों पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे, जिसके परिणामस्वरूप उनकी पुलिस से झड़प हुई।


पुलिस ने बाद में राय, मिश्रा और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर 'इको गार्डन' ले गई।


प्रदेश कांग्रेस ने अपने आधिकारिक 'एक्‍स' हैंडल पर एक पोस्ट में कहा कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने लोकतंत्र की हत्या की है।


कांग्रेस ने यह भी कहा कि जो लोग उन्हें हिरासत में लेकर आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं, वे गलतफहमी में हैं। यह आत्मविश्वास सत्ता के दमन पर सच की जीत का प्रतीक है।


प्रदर्शनकारियों ने बारिश के बीच अपना आंदोलन जारी रखा, और महिला कार्यकर्ताओं ने 'वोट चोर, गद्दी छोड़' के पोस्टर उठाए। राय ने भाजपा और चुनाव आयोग पर साजिश करने का आरोप लगाया।


उन्होंने कहा कि यह लड़ाई न रुकी है, न रुकेगी। लोकतंत्र पर हमले और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा।


गौतम ने भी कुमार के इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की गड़बड़ियां देश के हित के खिलाफ हैं।


मिश्रा ने कहा कि हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों में भी 'वोट की चोरी' के आरोप लगे थे।


उन्होंने कहा, 'राहुल जी सबूतों के साथ यह मुद्दा उठाते रहे हैं। आज वह मुद्दा लोगों के सामने आ गया है।'


उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा किसी एक व्यक्ति या पार्टी का नहीं, बल्कि संविधान और देश के लोगों के वोट देने के अधिकार की रक्षा का है।