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कांग्रेस नेताओं ने यूपीआई टैक्स के समर्थन के आरोपों का खंडन किया

कांग्रेस नेताओं ने यूपीआई टैक्स के समर्थन में आई रिपोर्ट का खंडन किया है। सांसद गौरव गोगोई और मनीष तिवारी ने कहा कि समिति में इस पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गलत जानकारी फैला रही है। राहुल गांधी ने 2000 रुपये से अधिक के मर्चेंट यूपीआई पेमेंट पर टैक्स लगाने का विरोध किया था। मोदी सरकार ने हाल ही में यूपीआई के मर्चेंट भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू किया है।
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कांग्रेस का खंडन

कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने यूपीआई टैक्स के समर्थन में आई रिपोर्ट का खंडन किया है। वित्तीय मामलों की संसदीय स्थायी समिति के सदस्य, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और मनीष तिवारी ने स्पष्ट किया कि वे यूपीआई पर किसी भी प्रकार के टैक्स का समर्थन नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसदीय समिति की कार्यवाही का गलत इस्तेमाल कर रही है ताकि यूपीआई पेमेंट पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के अपने निर्णय का बचाव कर सके।


गौरव गोगोई का बयान

गौरव गोगोई ने कहा कि समिति ने यूपीआई टैक्स के प्रस्ताव पर कोई चर्चा नहीं की। मनीष तिवारी ने भी उनके इस बयान का समर्थन किया और कहा कि 15 अक्टूबर से यूपीआई लेनदेन पर MDR लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं आया। जयराम रमेश ने कहा कि यूपीआई टैक्स के फैसले के बाद उत्पन्न जनाक्रोश से ध्यान भटकाने के लिए मोदी सरकार ने यह घटिया प्रयास किया है।


गौरव गोगोई की एक्स पोस्ट

गौरव गोगोई ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'मैं फिर से कहता हूं कि हाल की यूपीआई कर नीतियां छोटे भारतीय व्यापारियों और उद्यमियों को नुकसान पहुंचा रही हैं, जबकि बड़ी अमेरिकी कंपनियों को लाभ दे रही हैं। यूपीआई टैक्स को वापस लिया जाए। प्रधानमंत्री मोदी को आत्मसमर्पण करना बंद करना चाहिए।'


मनीष तिवारी की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, 'दुर्भाग्य से, संसद की स्थायी समितियों की कार्यवाही, जिन्हें विशेषाधिकार प्राप्त माना जाता है, अब सरकार द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि 15 अक्टूबर 2026 से यूपीआई लेनदेन पर MDR के संबंध में कोई विशिष्ट प्रस्ताव कभी नहीं लाया गया।


विवाद की जड़

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2000 रुपये से अधिक के मर्चेंट यूपीआई पेमेंट पर टैक्स लगाने का विरोध किया था। इसके बाद सरकार ने दावा किया कि संसद की स्थायी समिति में कांग्रेस नेताओं ने इसका समर्थन किया। बीजेपी ने कहा कि 12 अगस्त को रिपोर्ट को स्वीकार करते समय समिति में शामिल कांग्रेस सांसदों ने इसका विरोध नहीं किया।


यूपीआई में बदलाव

मोदी सरकार ने हाल ही में यूपीआई के मर्चेंट भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू किया है। यह टैक्स 2000 रुपये से अधिक के मर्चेंट भुगतान पर लागू होगा, जबकि 2000 रुपये से कम के भुगतान पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। यह नया नियम 15 अक्टूबर से प्रभावी होगा। यह ध्यान देने योग्य है कि पर्सन टू पर्सन भुगतान पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।