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काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी पर सीएम योगी का संबोधन: स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद किया

सीएम योगी आदित्यनाथ ने काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी समारोह में स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद किया। उन्होंने कहा कि भारत का गुलाम होना आपसी फूट और षड्यंत्र का परिणाम था। सीएम ने गुमनाम नायकों की खोज का आह्वान किया और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने की अपील की। इस समारोह में काकोरी के क्रांतिकारियों की वीरता को नमन किया गया और उनके योगदान को याद किया गया।
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काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी समारोह

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत का गुलाम होना आपसी फूट और षड्यंत्र का परिणाम था। उन्होंने चेतावनी दी कि आज भी क्षेत्र, जाति और भाषा के नाम पर देश को कमजोर करने की कोशिशें जारी हैं। सोशल मीडिया अब षड्यंत्र का एक साधन बन गया है, जिसका दुरुपयोग कर देशविरोधी तत्व अफवाहें फैला रहे हैं। यह बातें सीएम योगी ने काकोरी ट्रेन एक्शन के 101वें वर्षगांठ के अवसर पर काकोरी शहीद स्मारक पर आयोजित समारोह में कहीं।



क्रांतिकारियों की वीरता को किया नमन

मुख्यमंत्री ने काकोरी ट्रेन एक्शन के नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह दिन उन महान सपूतों की याद दिलाता है जिन्होंने ब्रिटिश शासन को चुनौती दी थी। उन्होंने बताया कि 9 अगस्त 1925 को पं. राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां और अन्य क्रांतिकारियों ने इस स्थान पर ब्रिटिश खजाने को लूटकर आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी।



स्वतंत्रता संग्राम के नायकों का अपमान

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत में भी काकोरी के क्रांतिकारियों को उचित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने बताया कि अंग्रेजों ने इस घटना को डकैती कहा, जबकि स्वतंत्रता के बाद भी कुछ नेताओं ने इसे कमतर आंका। उन्होंने यह भी कहा कि कई क्रांतिकारियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई, और उनके योगदान को भुला दिया गया।


गुमनाम नायकों की खोज का आह्वान

सीएम ने सभी से अपील की कि वे अपने गांवों और क्षेत्रों में गुमनाम नायकों की पहचान करें, जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद सत्ता में आए लोगों ने क्रांतिकारियों को भुला दिया और उन्हें पाठ्यक्रमों में स्थान नहीं दिया।


काकोरी ट्रेन एक्शन की स्मृति में कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन की स्मृति को जीवित रखने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की याद में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लें और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करें।