Newzfatafatlogo

कानपुर के छात्र ने आईआईटी वेबसाइट हैक कर मांगी एडमिशन की गुहार

कानपुर के एक छात्र ने आईआईटी कानपुर में बी.टेक साइबर सिक्योरिटी में प्रवेश न मिलने पर संस्थान की वेबसाइट हैक कर दी। उसने वेबसाइट पर एक संदेश छोड़ा, जिसमें उसने अपनी प्रतिभा साबित करने की गुहार लगाई। इस घटना ने संस्थान में हलचल मचा दी। आईआईटी के निदेशक ने छात्र की तकनीकी क्षमताओं की जांच करने का निर्णय लिया है। जानें इस अनोखी घटना के पीछे की पूरी कहानी और संस्थान की प्रतिक्रिया।
 | 

कानपुर में अनोखा मामला


कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर से एक दिलचस्प घटना सामने आई है। एक छात्र ने आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) में बी.टेक साइबर सिक्योरिटी में प्रवेश न मिलने पर संस्थान की वेबसाइट हैक कर दी। उसने वेबसाइट पर ‘Site is Hacked, All I Need is Just a Fair Chance’ का संदेश छोड़ दिया, जिससे संस्थान में हड़कंप मच गया। छात्र का कहना है कि उसने यह कदम अपनी प्रतिभा को साबित करने के लिए उठाया।


संस्थान की प्रतिक्रिया

कानपुर के छात्र ने आईआईटी वेबसाइट हैक कर मांगी एडमिशन की गुहार


शुरुआत में छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात की गई, लेकिन आईआईटी के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने छात्र की क्षमता को परखने का निर्णय लिया। उन्होंने छात्र को बुलाकर साइबर सिक्योरिटी टेस्ट लेने का प्रस्ताव दिया। यदि छात्र सफल होता है, तो उसे C3iHub में इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा।


घटना का विवरण

आईआईटी कानपुर के नए बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी कोर्स में प्रवेश न मिलने पर छात्र ने आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास की वेबसाइट हैक कर दी। उसने एक संदेश छोड़ा जिसमें लिखा था कि साइट हैक हो गई है और उसे एक उचित मौका चाहिए। छात्र ने सोशल मीडिया पर भी इस घटना के स्क्रीनशॉट साझा किए, यह बताते हुए कि उसने यह कदम अपनी तकनीकी क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए उठाया।


संस्थान की स्थिति

आईआईटी कानपुर के निदेशक ने स्पष्ट किया कि छात्र को इसलिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया क्योंकि उसके पास साइबर सिक्योरिटी का पूर्व अनुभव नहीं था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन छात्र की तकनीकी क्षमता की जांच की जाएगी। यदि वह अपनी योग्यता साबित करता है, तो उसे अगले सत्र में प्रवेश का मौका दिया जा सकता है।


संस्थान ने यह भी बताया कि बिना अनुमति किसी कंप्यूटर सिस्टम में प्रवेश करना कानूनी रूप से गलत है। आईआईटी के विशेषज्ञ छात्र से बात करेंगे और उसे समझाएंगे कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए।