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कारगिल विजय दिवस पर नेताओं ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

कारगिल विजय दिवस पर भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और गृह मंत्री ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वीरता और बलिदान की महत्ता को याद करते हुए कहा कि राष्ट्र हमेशा उनके प्रति कृतज्ञ रहेगा। जानें नेताओं के संदेश और उनके विचार इस विशेष दिन पर।
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कारगिल विजय दिवस की श्रद्धांजलि


नई दिल्ली: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने देश के बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी नेताओं ने कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों के साहस और समर्पण को याद करते हुए कहा कि राष्ट्र हमेशा उनके प्रति कृतज्ञ रहेगा।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि कारगिल विजय दिवस पर वह उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हैं, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनका अद्वितीय साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि इन वीरों की शौर्यगाथा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस पर पूरा देश उन सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने भारत की सुरक्षा के लिए अद्वितीय साहस और समर्पण दिखाया। उन्होंने कहा कि सैनिकों का पराक्रम हमेशा राष्ट्रीय गौरव का स्रोत रहेगा और उनकी देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।



रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संदेश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए सभी वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने दुर्गम चोटियों पर अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का साहस और बलिदान देशवासियों में मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना को प्रेरित करता रहेगा।



गृह मंत्री अमित शाह का संदेश

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य शौर्य और वीरता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में ऑपरेशन विजय के दौरान भारतीय सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में दुश्मन को परास्त किया। अमित शाह ने उन सभी वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने राष्ट्र की अखंडता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।