किरन रिजिजू का स्पष्टीकरण: पीएम मोदी ने विपक्ष को 'दिमागी नक्सली' नहीं कहा
किरन रिजिजू का स्पष्टीकरण
नई दिल्ली - 'दिमागी नक्सली' के मुद्दे पर चल रहे विवाद के बीच, संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने विपक्ष के नेताओं को 'दिमागी नक्सली' नहीं कहा है।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के नेताओं को 'दिमागी नक्सली' नहीं कहा। 'दिमागी नक्सली' वे लोग हैं जो माओवादियों का समर्थन करते हैं, भारतीय संविधान का सम्मान नहीं करते, अलगाववादियों के साथ खड़े होते हैं और अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं।"
प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा था, "नक्सलवाद और माओवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है। नक्सलवाद ने चार दशकों तक देश के बड़े हिस्से को बंदूक की नोक पर रखा और संविधान का उल्लंघन किया।"
उन्होंने आगे कहा, "2014 में जब आपने हमें मौका दिया, हमने संकल्प लिया कि हम देश को नक्सलवाद से मुक्त करेंगे। आज मुझे खुशी है कि नक्सली-माओवादी हिंसा में कमी आई है।"
पीएम मोदी के इस बयान के बाद विपक्ष के नेता खुद को 'दिमागी नक्सली' बताने लगे हैं। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने लिखा, "मुझे 'दिमागी नक्सल' होने पर गर्व है।" जयराम रमेश ने कहा, "पहले उन्होंने अपने विरोधियों को 'अर्बन नक्सल' कहा, अब 'दिमागी नक्सल'। यह उनकी हताशा का संकेत है।"
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "आप देश के युवाओं को 'दिमागी नक्सल' कह रहे हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि वे आपसे सवाल करते हैं?"
