किसान बचाओ पदयात्रा: दिल्ली कूच के लिए किसानों ने किया ऐलान
किसानों का दिल्ली कूच
किसान संगठनों ने खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर से दिल्ली के जंतर-मंतर तक किसान बचाओ पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के खिलाफ और अन्य कृषि मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने एक बार फिर दिल्ली की ओर बढ़ने का निर्णय लिया है। एसकेएम के प्रतिनिधि जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में किसान खनौरी से मिट्टी लेकर दिल्ली जाने की योजना बना रहे हैं। इस बीच, हरियाणा पुलिस ने खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर को फिर से सील कर दिया है।
बॉर्डर पर बैरिकेडिंग, कंटीली तार, कंक्रीट ब्लॉक और कंटेनर लगाकर रास्ता बंद किया गया है, और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
29 अगस्त को पंचायत का आयोजन
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने रविवार को खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर से दिल्ली के जंतर-मंतर तक किसान बचाओ पदयात्रा निकालने की योजना बनाई है।
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में 55 पदयात्री इस यात्रा में शामिल होंगे। किसान संगठनों ने 29 अगस्त को दिल्ली में पंचायत करने का भी ऐलान किया है।
पुलिस द्वारा किसानों का डिटेन करना
रास्ता रोके जाने पर डल्लेवाल ने कहा कि अब रास्ता किसानों ने नहीं, बल्कि हरियाणा पुलिस ने रोका है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की।
कुछ किसान दिल्ली जाकर अपनी बात रखना चाहते हैं। यदि उन्हें आगे नहीं जाने दिया गया, तो वे रात वहीं रुकने का निर्णय लेंगे। इस बीच, जींद, कैथल और फतेहाबाद से खनौरी बॉर्डर की ओर जा रहे किसानों को पुलिस ने डिटेन कर लिया है।
धारा 163 का लागू होना
जींद के एसपी कुलदीप सिंह ने दाता सिंहवाला बॉर्डर पर पहुंचकर कहा कि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
दिल्ली कूच करने वाले किसानों को बताया जाएगा कि इलाके में धारा 163 लागू है, इसलिए उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सुरक्षा के मद्देनजर विभिन्न स्थानों पर नाके लगाए गए हैं।
