किसानों का दिल्ली कूच स्थगित, सरकार से बनी सहमति
किसानों ने आंदोलन को किया स्थगित
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किसानों ने सरकार के साथ दो प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद मंगलवार को दिल्ली की ओर कूच और किसान घाट महापंचायत को फिलहाल स्थगित कर दिया है। पंजाब और हरियाणा के किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती के बाद वापस लौट गए।
किसान नेता सरवण पंधेर ने बताया कि कृषि मंत्री राणा ने आश्वासन दिया है कि गिरफ्तार किसान नेताओं को जल्द रिहा किया जाएगा। इसके अलावा, अगले 8-10 दिनों में कृषि मंत्री शिवराज चौहान के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कुरुक्षेत्र पुलिस ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को भी रिहा कर दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था में कड़ी निगरानी
हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी के संसद घेराव के मद्देनजर हरियाणा के पंजाब, दिल्ली और यूपी से लगे बॉर्डरों पर सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी है। कई जिलों में किसान नेताओं और सीजेपी समर्थकों को हाउस अरेस्ट या डिटेन किया गया है।
शंभू बॉर्डर पर प्रतिबंध
अंबाला के शंभू बॉर्डर पर 27 जुलाई तक धारा 163 लागू कर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर सुबह करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लगा। जांच के बाद ही दिल्ली की ओर प्रवेश दिया जा रहा है।
आंदोलन की अगली रणनीति
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि पूरे आंदोलन की अगुवाई देश बचाओ मोर्चा कर रहा है। मोर्चे की कोर कमेटी में गुरनाम सिंह चढ़ूनी, स्वरण सिंह पंधेर समेत करीब 200 किसान और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यदि केंद्र सरकार के साथ बातचीत में कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो कोर कमेटी की बैठक बुलाकर आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
