कीव पर रूस के हमले में 18 लोग घायल, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने की निंदा
रूस का भीषण हमला
रूस ने बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य क्षेत्रों पर मिसाइलों और घातक ड्रोन से हमला किया, जिसमें दो बच्चों सहित कम से कम 18 लोग घायल हो गए। इस हमले के कारण कीव के 10 से अधिक स्थानों पर नुकसान हुआ है।
कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि सबसे अधिक क्षति 16 मंजिला आवासीय इमारत को हुई है। इसके अलावा, शहर के चार जिलों में गोदामों और एक पेट्रोल पंप को भी नुकसान पहुंचा, जबकि नीपर नदी के पूर्वी तट पर जल आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित हो गई।
यूक्रेनी वायु सेना ने जानकारी दी कि रातभर के हमले में कुल 131 हवाई लक्ष्यों को नष्ट किया गया। रूस ने इस हमले में ओनिक्स एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें, बैलिस्टिक मिसाइलें, चार क्रूज मिसाइलें और लगभग 160 ड्रोन का इस्तेमाल किया। कीव के अलावा ओडेसा और ज़ापोरिज्जिया क्षेत्रों में भी भारी तबाही हुई है। ओडेसा में एक 19 मंजिला इमारत क्षतिग्रस्त होने से दो बच्चों समेत छह लोग घायल हुए, जबकि ज़ापोरिज्जिया में एक औद्योगिक इकाई पर मिसाइल गिरने से आग लग गई।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूसी हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि यूक्रेनी सेना रूस की धरती पर भी जवाबी कार्रवाई कर रही है।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि संयुक्त अभियान में रूस के यारोस्लाव तेल रिफाइनरी पर सफल हमला किया गया। इसके अलावा, रोस्तोव क्षेत्र में एक सैन्य हवाई अड्डे पर हमले में रूस के एक एएन-12 और दो एएन-26 परिवहन विमानों तथा तीन हेलीकॉप्टरों को नुकसान पहुंचा। समारा के गवर्नर व्याचेस्लाव फेडोरिशचेव के अनुसार, 40 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन ने रूसी औद्योगिक क्षेत्रों को निशाना बनाया।
यह हमला उस समय हुआ है जब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को कड़ा करने वाले एक विधेयक को मंजूरी दी है। 'लिंडसे ओ. ग्राहम सेंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट 2026' नामक इस विधेयक को अमेरिकी कांग्रेस ने पारित कर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा है। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को रूसी तेल और गैस के शीर्ष खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार देता है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिकी विधेयक का स्वागत करते हुए इसे 'अत्यंत शक्तिशाली हथियार' करार दिया, जो मॉस्को को युद्ध समाप्त करने और कूटनीतिक वार्ता की मेज पर लाने में मदद करेगा।
