कुणाल शाह बने वॉट्सऐप के नए ग्लोबल हेड, भारतीयों का टेक जगत में बढ़ता प्रभाव
वॉट्सऐप में लीडरशिप परिवर्तन
नई दिल्ली: वॉट्सऐप, जो कि दुनिया का सबसे प्रसिद्ध मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है, में हाल ही में महत्वपूर्ण लीडरशिप बदलाव हुआ है। भारतीय उद्यमी और फिनटेक कंपनी क्रेड के संस्थापक कुणाल शाह को वॉट्सऐप का नया ग्लोबल हेड नियुक्त किया गया है। इस खबर ने टेक उद्योग में एक बार फिर से चर्चा का विषय बना दिया है कि क्यों प्रमुख टेक कंपनियां भारतीय मूल के नेताओं पर भरोसा कर रही हैं। चाहे वह सर्च इंजन हो, सोशल मीडिया, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भारतीय सीईओ अपनी क्षमताओं का लोहा मनवा रहे हैं।
कुणाल शाह की पहचान
कुणाल शाह, जिन्होंने फ्रीचार्ज और क्रेड जैसे सफल स्टार्टअप्स की स्थापना की, भारत के प्रमुख उद्यमियों में से एक माने जाते हैं। उनकी कंज्यूमर बिहेवियर, फिनटेक और डिजिटल बिजनेस मॉडल में गहरी समझ ने उन्हें भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक मजबूत पहचान दिलाई है। अब वॉट्सऐप के ग्लोबल हेड के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी ने उन्हें वैश्विक टेक जगत में चर्चा का केंद्र बना दिया है।
भारतीयों की सफलता की कहानी
सुंदर पिचाई, जो तमिलनाडु के चेन्नई में जन्मे हैं, आज गूगल और उसकी पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ हैं। उन्होंने 2004 में गूगल से जुड़कर क्रोम और एंड्रॉइड जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया और 2015 में सीईओ बने। इसी तरह, सत्या नडेला, जो हैदराबाद में जन्मे हैं, 2014 से माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ हैं। उनकी लीडरशिप में कंपनी ने क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
टेक कंपनियों में भारतीयों का दबदबा
यूट्यूब के सीईओ नील मोहन और एडोब के सीईओ शांतनु नारायण भी भारतीय मूल के हैं। नील मोहन ने गूगल में लंबे समय तक काम किया और 2023 में यूट्यूब की कमान संभाली। वहीं, शांतनु नारायण ने एडोब को क्लाउड-बेस्ड सब्सक्रिप्शन मॉडल में सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया।
आईबीएम और एआई में भारतीय नेतृत्व
अरविंद कृष्णा, जो पश्चिम बंगाल में जन्मे हैं, 2020 से आईबीएम के सीईओ हैं। उनके नेतृत्व में आईबीएम ने हाइब्रिड क्लाउड और एआई पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके अलावा, अरविंद श्रीनिवास, जिन्होंने आईआईटी मद्रास से पढ़ाई की है, ने परप्लेक्सिटी एआई की स्थापना की है, जो एक तेजी से लोकप्रिय एआई-बेस्ड सर्च इंजन बन चुका है।
