कुरुक्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, दो आरोपी घायल
मुठभेड़ में आरोपी कपिल और टोनी को लगी गोली
- कपिल और टोनी को लगी गोली, हथियार बरामद
- सीआईए 1 में तैनात ASI राहुल भी बाल-बाल बचे
कुरुक्षेत्र: हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में रविवार को गांधी नगर में हुई फायरिंग के आरोपियों को पकड़ने गई सीआईए-1 की टीम और बदमाशों के बीच मंगलवार रात मुठभेड़ हुई। यह मुठभेड़ दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 पर शाहाबाद के रतनगढ़ के पास हुई। इस दौरान गांधी नगर निवासी कपिल और टोनी के पैरों में गोलियां लगीं। दोनों को घायल अवस्था में शाहाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
रतनगढ़ क्षेत्र में छिपे थे आरोपी
मुठभेड़ के दौरान सीआईए-1 में तैनात एएसआई राहुल भी बाल-बाल बच गए। बदमाशों की ओर से चलाई गई एक गोली उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। सीआईए-1 के इंचार्ज प्रतीक कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांधी नगर फायरिंग कांड के आरोपी रतनगढ़ क्षेत्र में छिपे हैं। सूचना मिलते ही टीम ने निमार्णाधीन जाट धर्मशाला के पास घेराबंदी कर दी। टीम को देखते ही आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस बीच वे बुलेट मोटरसाइकिल पर भागने लगे।
जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। दोनों तरफ से करीब 6 से 7 राउंड फायरिंग हुई। टीम ने उन्हें सरेंडर करने का मौका भी दिया, लेकिन आरोपी फायरिंग करते रहे। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोलियां लगीं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो हथियार और एक बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद हथियारों की जांच की जा रही है कि उनका इस्तेमाल अन्य आपराधिक वारदातों में तो नहीं हुआ।
फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया
पुलिस ने फोरेंसिक टीम को सूचना देकर बुलाया है। उसके बाद स्थिति साफ होगी। पुलिस जांच के मुताबिक कपिल और टोनी रविवार तड़के गांधी नगर में हुई फायरिंग की वारदात में शामिल थे। हमले में अमन और प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को पहले कुरुक्षेत्र के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया था।
सट्टेबाजी और जुए के कारोबार में विवाद
प्रारंभिक जांच में मामला सट्टेबाजी और जुए के कारोबार से जुड़े विवाद की ओर इशारा कर रहा है। सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पैसों के लेन-देन और कारोबारी वर्चस्व को लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था। इसी रंजिश के चलते गांधी नगर में फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया। रविवार को फायरिंग के बाद आरोपी स्कॉर्पियो में फरार हो रहे थे। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग और घायलों के साथी मौके पर पहुंच गए और आरोपियों का पीछा शुरू कर दिया। भागने के दौरान उनकी स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाले में जा गिरी। हालांकि वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने के बावजूद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे थे।
