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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अध्यक्ष पद के लिए विवाद, दो गुटों में भिड़ंत

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ में अध्यक्ष पद को लेकर नीलकंठ शर्मा और रजवंत कौर के बीच विवाद बढ़ गया है। दोनों पक्षों के बीच कुर्सी को लेकर खींचतान हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। नीलकंठ शर्मा का कहना है कि उन्हें सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया था, जबकि रजवंत कौर का दावा है कि उन्होंने पिछले चुनाव में नीलकंठ को हराया था। जानें इस विवाद की पूरी कहानी।
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नीलकंठ शर्मा का दावा: सर्वसम्मति से चुने गए प्रधान


Kuntiya President Dispute, कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ में अध्यक्ष पद को लेकर विवाद खुलकर सामने आया है। संघ के कार्यालय में कुर्सी को लेकर दोनों गुट आमने-सामने आ गए और यह विवाद जल्द ही मारपीट में बदल गया। एक वीडियो में रजवंत कौर को नीलकंठ शर्मा को गर्दन से पकड़कर खींचते हुए देखा जा सकता है।


रजवंत कौर ने कुर्सी और मेन टेबल के बीच खड़े होकर नीलकंठ शर्मा को कुर्सी से हटाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी जगह से नहीं हिले। एक मिनट से अधिक समय तक चली इस खींचतान के बीच पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। केयूके थाना के एसएचओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों से शिकायतें आई हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है।


कुंटिया कार्यालय में प्रधान की कुर्सी पर बैठे थे नीलकंठ शर्मा

जानकारी के अनुसार, गुरुवार को नीलकंठ शर्मा अपने समर्थकों के साथ कुंटिया कार्यालय में प्रधान की कुर्सी पर बैठ गए। उनके साथ अन्य पदाधिकारी भी वहां मौजूद थे। इस दौरान समर्थकों ने नीलकंठ शर्मा को प्रधान बनने की बधाई दी और लड्डू खिलाकर उनका स्वागत किया।


रजवंत कौर ने खुद को बताया प्रधान

इसी समय रजवंत कौर भी दफ्तर पहुंच गईं। उन्होंने खुद को प्रधान बताते हुए नीलकंठ शर्मा को कुर्सी से उठने के लिए कहा। इस पर दोनों के बीच खींचतान शुरू हो गई। रजवंत ने नीलकंठ शर्मा को कुर्सी से उठाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं उठे।


नीलकंठ शर्मा को कॉलर से पकड़कर कुर्सी से उठाने की कोशिश

रजवंत कौर नीलकंठ शर्मा की गर्दन पकड़कर उन्हें कुर्सी से उठाने की कोशिश करती दिखाई दीं। उन्होंने उनकी शर्ट भी पकड़कर उन्हें उठाने का प्रयास किया, लेकिन नीलकंठ शर्मा अपनी जगह पर बने रहे। इसके बाद रजवंत कौर ने हंगामा किया और पुलिस को बुला लिया।


सर्वसम्मति से कुंटिया प्रधान बने नीलकंठ शर्मा

कुंटिया का प्रधान एक साल के लिए चुना जाता है। पिछले साल फरवरी में चुनाव होने थे, लेकिन वे तीन महीने लेट हो गए। इस पर नीलकंठ शर्मा और पूर्व प्रधान रामकुमार गुर्जर का गुट एकमत हो गया। सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले पिछले महीने चुनाव करवा कर नीलकंठ शर्मा को सर्वसम्मति से कुंटिया का प्रधान चुना गया।


रजवंत कौर का दावा, नीलकंठ को हराकर बनीं प्रधान

रजवंत कौर का कहना है कि पिछले साल फरवरी में हुए चुनाव में उन्हें 435 वोट मिले थे, जबकि नीलकंठ शर्मा को 414 वोट मिले। इस चुनाव में कुल 1241 में से 1185 मत पड़े थे, जिनमें से 14 मत रद्द हुए। यह पहला मौका था जब किसी महिला को कुंटिया की प्रधान का पद मिला।