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कुलगाम में आतंकियों का हमला: दो प्रवासी मजदूरों की हत्या

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों ने प्रवासी मजदूरों पर हमला किया, जिसमें दो मजदूरों की मौत हो गई। हमलावरों ने पहले मजदूरों की पहचान पूछी और फिर गोलीबारी की। इस घटना ने क्षेत्र में दहशत फैला दी है और सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया है। प्रशासन ने हमले की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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कुलगाम में आतंकवादी हमला


जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर से एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कुलगाम में आतंकवादियों ने एक बार फिर वही भयानक तरीका अपनाया, जो पहले के हमलों से जुड़ा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने ईंट भट्ठे में काम कर रहे प्रवासी श्रमिकों के एक समूह को निशाना बनाया। हमलावरों ने पहले मजदूरों की पहचान पूछी और फिर दो मजदूरों को अलग कर उनके ऊपर नजदीक से गोलियां चलाईं।


इस हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनका इलाज करते समय दोनों की मृत्यु हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और हमलावरों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इस हमले की जांच कर रही हैं और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आशंका जताई जा रही है कि आतंकियों ने धार्मिक पहचान के आधार पर मजदूरों को निशाना बनाया। जांच एजेंसियां हमले में शामिल आतंकियों और उनके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। यह घटना जम्मू-कश्मीर में बढ़ती टारगेट किलिंग की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ा रही है। पहले भी घाटी में गैर-स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा कर्मियों को निशाना बनाने की घटनाएं सामने आई हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों के खिलाफ अभियान जारी है और जल्द ही हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।


जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस हमले की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, राजनीतिक दलों ने भी इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है और आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की है। लगातार बदलते हालात के बीच सुरक्षाबलों के सामने चुनौती है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आतंकियों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जाए। कुलगाम हमले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक निर्दोष लोग आतंक की गोलियों का शिकार होते रहेंगे। सुरक्षा बलों का कहना है कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाले आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जांच जारी है।