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कुल्लू में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से आई बाढ़, 15 परिवार प्रभावित

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के टनल से पानी का रिसाव होने के कारण अचानक बाढ़ आ गई। इस आपदा ने 15 परिवारों को प्रभावित किया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जानें इस घटना के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति


हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के टनल से पानी का रिसाव होने के कारण रैला पंचायत के पालचरा गांव में रात के समय अचानक बाढ़ आ गई। इस अप्रत्याशित आपदा के चलते स्थानीय निवासियों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। इस घटना से लगभग 15 परिवारों को गंभीर नुकसान का सामना करना पड़ा है।


प्रेशर वॉल्व में रिसाव से बाढ़

जानकारी के अनुसार, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के एडिट-5 में प्रेशर वॉल्व के लीक होने के कारण अचानक बड़ी मात्रा में पानी बाहर आ गया। साफ मौसम में बिना बारिश के पानी का सैलाब देखकर लोग चौंक गए और तुरंत गांव से भागने लगे। पानी के तेज बहाव के साथ एनएचपीसी की डंपिंग साइट का मलबा भी रिहायशी क्षेत्र में पहुंच गया, जिससे कई परिवारों के घर, दुकानें और होमस्टे प्रभावित हुए।


ग्रामीणों में दहशत का माहौल

इस अचानक आई स्थिति से गांव के लोगों में दहशत फैल गई। जब पानी और मलबा उनके घरों तक पहुंचा, तो प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा। कई लोग रात अपने रिश्तेदारों के घर बिताने को मजबूर हुए।


15 परिवारों को नुकसान

स्थानीय निवासियों के अनुसार, एनएचपीसी की डंपिंग साइट पर जमा भारी मलबा पानी के साथ बहकर उनके घरों तक पहुंच गया, जिससे लगभग 15 परिवारों को नुकसान हुआ है। कई रिहायशी मकानों के आसपास मलबा जमा हो गया है, और रास्तों तथा अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है, और ग्रामीण प्रशासन से नुकसान का आकलन करने की मांग कर रहे हैं।


राहत की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में भी खतरा पैदा कर सकती हैं। उन्होंने मांग की है कि प्रभावित परिवारों के नुकसान का जल्द आकलन किया जाए और उन्हें सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही, डंपिंग साइट से मलबा नीचे की ओर न पहुंचे, इसके लिए ठोस सुरक्षा उपाय किए जाने की आवश्यकता है।