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केंद्र सरकार का ऐतिहासिक कदम: वंदे मातरम के अपमान पर सख्त कानून

केंद्र सरकार संसद के मानसून सत्र में 'वंदे मातरम' के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने के लिए एक नया विधेयक पेश करने जा रही है। इस विधेयक के तहत, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर इस राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है, तो उसे तीन साल तक की जेल हो सकती है। पहले से ही सरकारी कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य किया गया था, और अब इसे कानूनी रूप में लागू किया जाएगा। जानें इस विधेयक के पीछे की रणनीति और इसके संभावित प्रभाव।
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संसद में पेश होगा वंदे मातरम बिल

नई दिल्ली: संसद के आगामी मानसून सत्र में, केंद्र सरकार एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम उठाने की योजना बना रही है। गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में 'वंदे मातरम' विधेयक पेश करने के लिए तैयार हैं। इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के गाने या बजाने में किसी भी प्रकार की बाधा डालने या जानबूझकर अपमान करने को दंडनीय अपराध बनाना है। राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत, ऐसा करने वाले दोषियों को तीन साल तक की जेल हो सकती है। यह सजा राष्ट्रगान 'जन गण मन' के अपमान के लिए निर्धारित सजा के समान होगी।


सरकारी कार्यक्रमों में अनिवार्यता के बाद बनेगा कानून

केंद्र सरकार ने पहले ही सभी राज्यों को निर्देश दिए थे कि सरकारी कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' गाना या बजाना अनिवार्य किया जाए। अब, सरकार इसे कानूनी रूप में लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। सरकार की योजना के अनुसार, महत्वपूर्ण अध्यादेशों को पहले सदन में पारित कराया जाएगा, और यह विधेयक भी उसी सूची में शामिल है। इसके अलावा, इनकम टैक्स संशोधन और सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या से संबंधित बिल भी पेश किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, सरकार के रणनीतिकार इस बिल को पास कराने के लिए आश्वस्त हैं, भले ही इसके लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता हो।


कानूनी संरक्षण की दिशा में एक कदम

यह मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल से हरी झंडी मिलने के बाद, इस विधेयक को राज्यसभा के एजेंडे में रखा जाएगा। यदि यह बिल दोनों सदनों से पारित हो जाता है, तो 'वंदे मातरम' का अपमान एक गंभीर आपराधिक कृत्य माना जाएगा। इससे राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय संविधान जैसे अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतीकों के समान कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा। मौजूदा कानून के तहत जानबूझकर राष्ट्रगान गाने से रोकने या अशांति फैलाने पर तीन साल की कैद या जुर्माना निर्धारित है, और प्रस्तावित संशोधन के पारित होने के बाद ये सभी सख्त नियम 'वंदे मातरम' के लिए भी लागू होंगे।