केंद्र सरकार का नया फैसला: पेट्रोल पर टैक्स बढ़ा, डीजल पर राहत
नई दिल्ली में टैक्स में बदलाव
नई दिल्ली - केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर लागू विंडफॉल टैक्स में संशोधन किया है। हाल ही में किए गए निर्णय के अनुसार, पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क 50 पैसे से बढ़ाकर 2.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर लगने वाली ड्यूटी को 16 रुपये से घटाकर 8.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। ये नई दरें 16 अक्टूबर से प्रभावी हो गई हैं। हालांकि, इस बदलाव का घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर तुरंत कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
पेट्रोल पर टैक्स में वृद्धि, डीजल पर राहत
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अनुसार, सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। वहीं, डीजल के निर्यात पर शुल्क को 7.50 रुपये प्रति लीटर कम किया गया है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर शुल्क में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
विंडफॉल टैक्स का उद्देश्य असाधारण परिस्थितियों में पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से होने वाले अतिरिक्त लाभ पर कर लगाना है। इसकी दरें अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार निर्धारित की जाती हैं।
क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी?
निर्यात शुल्क में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ेंगी। घरेलू बाजार में बिक्री के लिए उपयोग होने वाले ईंधन पर इस निर्णय का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। इसी कारण 16 अक्टूबर की सुबह प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर रहीं।
आने वाले दिनों में कीमतों में बदलाव होगा या नहीं, यह तेल कंपनियों के निर्णयों और अन्य बाजार स्थितियों पर निर्भर करेगा। इसलिए, फिलहाल निर्यात शुल्क में बदलाव के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए महंगाई या राहत का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें
16 अक्टूबर को जारी दरों के अनुसार, प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 107.76 | 99.55 |
| गुरुग्राम | 102.97 | 95.64 |
| नोएडा | 101.96 | 95.44 |
| बेंगलुरु | 111.68 | 99.56 |
हर 15 दिन में टैक्स की समीक्षा
सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को देखते हुए विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है। यह कर पहली बार जुलाई 2022 में ईंधन के निर्यात पर लगाया गया था। बाद में इसे हटा दिया गया और मार्च 2026 में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच दोबारा लागू किया गया।
कच्चे तेल की कीमतों पर नजर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल की आपूर्ति, माल ढुलाई और बीमा लागत पर दबाव बना हुआ है। अमेरिका-ईरान तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी परिस्थितियां भी ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकती हैं।
ऐसे माहौल में सरकार का ताजा फैसला निर्यात से जुड़े करों में बदलाव तक सीमित है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की बात यही है कि 16 अक्टूबर को प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
