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केंद्र सरकार की नई योजना: बाइक एंबुलेंस सेवा का आगाज

केंद्र सरकार ने देश के बड़े शहरों में बढ़ती जनसंख्या और ट्रैफिक जाम की समस्या को ध्यान में रखते हुए बाइक एंबुलेंस सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। इस नई सेवा के तहत बाइक एंबुलेंस को कानूनी मान्यता मिलेगी, जिससे मरीजों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सेवा 'गोल्डन आवर' में प्राथमिक उपचार देने में सहायक होगी। इसके अलावा, बाइक एंबुलेंस की विशेषताएं और अन्य राज्यों में चल रहे प्रयोगों के बारे में भी जानकारी दी गई है।
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नई दिल्ली में बाइक एंबुलेंस सेवा की शुरुआत


नई दिल्ली: देश के प्रमुख शहरों में बढ़ती जनसंख्या, ट्रैफिक जाम और संकीर्ण गलियों के कारण मरीजों तक एंबुलेंस का समय पर पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस समस्या के समाधान के लिए, केंद्र सरकार अब दोपहिया एंबुलेंस सेवा शुरू करने की योजना बना रही है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में मसौदा अधिसूचना जारी की है, जिससे बाइक एंबुलेंस को कानूनी मान्यता और संचालन के लिए राष्ट्रीय मानक मिलेंगे।


बाइक एंबुलेंस को मिलेगी विशेष मान्यता

सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, दोपहिया एंबुलेंस को विशेष श्रेणी के वाहन के रूप में मान्यता दी जाएगी। इनके निर्माण, पंजीकरण, सुरक्षा मानकों और संचालन के लिए समान नियम लागू होंगे। इससे देशभर में बाइक एंबुलेंस सेवाओं का संचालन सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। अब तक इस तरह की सेवाओं के लिए कोई राष्ट्रीय कानूनी ढांचा नहीं था।


'गोल्डन आवर' में मिलेगी त्वरित सहायता

विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटना, हार्ट अटैक या अन्य गंभीर स्थितियों में पहला घंटा, जिसे 'गोल्डन आवर' कहा जाता है, सबसे महत्वपूर्ण होता है। बाइक एंबुलेंस ट्रैफिक जाम, संकीर्ण गलियों, ग्रामीण क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में पारंपरिक एंबुलेंस से पहले पहुंचकर मरीज को प्राथमिक उपचार प्रदान कर सकेगी। इससे गंभीर मरीजों की जान बचाने की संभावना बढ़ जाएगी।


नई एंबुलेंस की विशेषताएं

प्रस्तावित एआईएस-209 (भाग-1) 2026 मानक के अनुसार, बाइक एंबुलेंस में मरीज को ले जाने के लिए विशेष यूनिट, प्राथमिक जीवन रक्षक उपकरण, आपात चेतावनी लाइट और सुरक्षित रोगी परिवहन प्रणाली शामिल होगी। इसके अलावा, वाहन की स्थिरता, ब्रेकिंग क्षमता, पीछे की दृश्यता, सुरक्षित कपलिंग और मौसम से सुरक्षा जैसे मानकों को भी अनिवार्य किया जाएगा।


कई राज्यों में पहले से चल रहा प्रयोग

हैदराबाद, गोवा, केरल, कर्नाटक जैसे कुछ राज्यों में सीमित स्तर पर बाइक एंबुलेंस सेवाएं पहले से ही संचालित हो रही हैं। इनका उपयोग ट्रैफिक जाम, धार्मिक आयोजनों, समुद्री तटीय क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक चिकित्सा पहुंचाने के लिए किया जाता है। हालांकि, अब तक इनके संचालन के लिए कोई एकीकृत राष्ट्रीय मानक नहीं था।


विदेशी मॉडल से मिली नई दिशा

ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस, थाईलैंड, ब्राजील, ईरान, मलावी और फिलीपींस जैसे देशों में मोटरसाइकिल एंबुलेंस वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में इन्हें कम लागत, तेज प्रतिक्रिया और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के लिए प्रभावी आपात सेवा माना गया है। भारत में भी यह व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक तेज और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।