केंद्र सरकार ने NEET-UG आंदोलनकारियों को दी राहत, कानूनी कार्रवाई पर रोक
केंद्र सरकार की कार्रवाई
नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) में गड़बड़ियों और छात्रों के आंदोलन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के बाद, केंद्र सरकार ने सक्रियता दिखाई है। सोमवार रात को सरकार के प्रतिनिधियों और सीजेपी नेताओं के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें प्रदर्शनकारियों को राहत देने के लिए ऐतिहासिक सहमति बनी। सीजेपी ने बताया कि इस बैठक के बाद सरकार ने आश्वासन दिया है कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके अलावा, बिहार और असम सहित सभी भाजपा और एनडीए शासित राज्यों में दर्ज मामलों को वापस लेने और हिरासत में लिए गए युवाओं को रिहा करने का भी वादा किया गया है।
महत्वपूर्ण बैठक का विवरण
सीजेपी ने दिन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था और देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके कुछ घंटों बाद, सरकार के प्रतिनिधि रात में सीजेपी नेताओं से मिलने पहुंचे। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली, जिसमें छात्रों और युवाओं की कानूनी सुरक्षा पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान, सरकारी प्रतिनिधियों ने बिहार और असम गृह विभाग की आधिकारिक अधिसूचनाओं की प्रतियां साझा कीं, जिनमें कहा गया था कि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी और भविष्य में कोई कार्रवाई नहीं होगी।
राजस्थान में भी मिली राहत
राजस्थान के संदर्भ में भी आंदोलनकारियों को राहत मिली है। प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि राजस्थान में किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी और वहां न तो कोई एफआईआर दर्ज की गई है और न ही आगे की जाएगी। सीजेपी नेताओं ने सरकार से ठोस लिखित गारंटी की मांग की थी, जिस पर सरकारी प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही आधिकारिक अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी, ताकि युवाओं को कानूनी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
