केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा के लिए नई वार्षिक पास योजना की घोषणा की
नई दिल्ली में टोल पास की घोषणा
नई दिल्ली - केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स चुकाने वाले लोगों के लिए एक नई सुविधा की घोषणा की है। इस योजना के तहत, टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले योग्य निजी वाहन मालिकों को रियायती वार्षिक लोकल पास प्रदान किया जाएगा। यह व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से लागू होगी। पास की कीमत टोल प्लाजा की स्थिति के अनुसार 1,500 रुपये या 3,000 रुपये निर्धारित की गई है। सरकार का उद्देश्य टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों को बार-बार टोल शुल्क चुकाने से राहत प्रदान करना है।
नितिन गडकरी का बयान
नितिन गडकरी ने दी जानकारी
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस नई सुविधा की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने इसे नागरिकों की दैनिक यात्रा को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार, नेशनल हाईवे टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले योग्य गैर-वाणिज्यिक वाहन मालिक इस रियायती लोकल पास का लाभ उठा सकेंगे।
इस संबंध में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 में पांचवें संशोधन के माध्यम से बदलाव किए गए हैं।
शुल्क संरचना
कहां कितना देना होगा शुल्क?
नई व्यवस्था के तहत वार्षिक पास की कीमत टोल प्लाजा की स्थिति के अनुसार निर्धारित की गई है।
- 1,500 रुपये सालाना: नगरपालिका या स्थानीय कस्बे की सीमा के बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए।
- 3,000 रुपये सालाना: नगरपालिका या स्थानीय कस्बे की सीमा के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए।
यह पास केवल संबंधित टोल प्लाजा के लिए मान्य होगा और इसका उपयोग देश के सभी टोल प्लाजा पर नहीं किया जा सकेगा।
पात्रता मानदंड
कौन उठा सकेगा फायदा?
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए वाहन मालिक को कुछ पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। प्रमुख नियम इस प्रकार हैं:
- वाहन मालिक का निवास संबंधित टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए।
- पास केवल योग्य निजी और गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए होगा।
- वाहन में वैध और सक्रिय फास्टैग होना आवश्यक है।
- पास का उपयोग केवल उस निर्धारित टोल प्लाजा पर किया जा सकेगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है।
सिर्फ टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने से पास मिलने की गारंटी नहीं होगी। इसके लिए अन्य निर्धारित शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
कहाँ नहीं मिलेगी सुविधा
इन हाईवे और एक्सप्रेसवे पर नहीं मिलेगी सुविधा
नई व्यवस्था सभी राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर लागू नहीं होगी। बंद टोल प्रणाली यानी क्लोज्ड यूजर फीस कलेक्शन सिस्टम के तहत संचालित मार्गों पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। इसके अलावा, जहां सर्विस रोड या वैकल्पिक रास्ते उपलब्ध हैं, वहां संबंधित टोल प्लाजा पर भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
इसलिए पास लेने से पहले वाहन मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका संबंधित टोल प्लाजा योजना के दायरे में आता है या नहीं।
नए नियमों की प्रभावी तिथि
1 नवंबर से लागू होंगे नए नियम
सरकार द्वारा घोषित यह व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होगी। टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों को इससे नियमित आवाजाही के खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। पास की पात्रता, संबंधित टोल प्लाजा की स्थिति और फास्टैग की वैधता जैसे पहलुओं की जांच करना आवश्यक होगा।
अधिसूचना के अनुसार, इन शुल्क दरों की समीक्षा 1 अप्रैल को की जा सकती है। ऐसे में भविष्य में पास की कीमतों में बदलाव संभव है, हालांकि किसी संशोधन की पुष्टि होने पर ही नई दरें लागू मानी जाएंगी।
