केंद्र सरकार ने पेंशन योजनाओं के नामों में किया बदलाव
नई योजनाओं के नामकरण में बदलाव
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेंशन योजनाओं के नामों में बदलाव करने का निर्णय लिया है। पहले ये योजनाएं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर थीं, लेकिन अब इनका नाम बदलकर प्रधानमंत्री के नाम पर रखा गया है।
इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम भी बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया गया है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की स्वीकृति दी गई है। इस योजना पर 53,428 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को सहायता मिलेगी।
केंद्र सरकार ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना रखा है। इसी तरह, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना को अब प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के नाम से जाना जाएगा। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगजन पेंशन योजना का नाम भी बदलकर प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना कर दिया गया है।
कैबिनेट की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि दिवाली से पहले रेलवे के लगभग 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस पर लगभग 2,009 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेलवे कर्मचारियों के लिए प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की गई है, जिसके आधार पर 78 दिन के बोनस की अधिकतम राशि 17,951 रुपये होगी।
