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केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि की घोषणा की

केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले अपने 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनरों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि की घोषणा की है। यह वृद्धि एक जुलाई से प्रभावी होगी, जिससे महंगाई भत्ते की दर 60% से बढ़कर 63% हो जाएगी। पिछले वर्ष भी इसी तरह की वृद्धि की गई थी। इसके अलावा, कर्मचारियों ने महंगाई भत्ते की गणना के लिए नए कैलकुलेटर की मांग की है। जानें इस निर्णय के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभाव।
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महंगाई भत्ते में वृद्धि का ऐलान


नई दिल्ली। मोदी सरकार ने दिवाली से पहले अपने 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि की घोषणा की है। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई। अब एक जुलाई से लागू महंगाई भत्ते की दर 60% से बढ़कर 63% हो गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में यह जानकारी साझा की। इससे पहले, केंद्र सरकार ने होली के अवसर पर महंगाई भत्ते में 2% की वृद्धि की थी।


पिछले वर्ष भी हुई थी वृद्धि

पिछले वर्ष भी केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि की थी, जिससे यह दर 58% तक पहुंच गई थी। इसके बाद जनवरी 2026 में इसे 2% और बढ़ाकर 60% किया गया। अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) की रिपोर्ट ने भी इसी तरह के संकेत दिए थे। जुलाई 2025 में सूचकांक 146.5 से शुरू होकर दिसंबर में 148.2 पर स्थिर रहा।


जनवरी से जुलाई 2026 तक का सूचकांक

श्रम ब्यूरो के अनुसार, इस वर्ष जनवरी में अखिल भारतीय सीपीआई-आई डब्लू 148.6, फरवरी में 148.5, मार्च में 149.1, अप्रैल में 149.9, मई में 150.8, जून में 151.9 और जुलाई में 153.2 रहा है। यह सूचकांक देशभर के 88 महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा मूल्यों पर आधारित है।


डीए/डीआर का विलय नहीं हुआ

जब महंगाई भत्ते की दर 50% से अधिक हो जाती है, तो इसे मूल वेतन और पेंशन में मिलाने का नियम है। हालांकि, एक जनवरी 2024 को डीए 50% हो गया था, लेकिन इसे मूल वेतन में नहीं जोड़ा गया। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में कहा है कि सरकार ऐसा कोई विलय नहीं करेगी। इस पर नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने चिंता जताई है।


डीए की गणना में बदलाव की मांग

‘कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स’ ने कैबिनेट सचिव से महंगाई भत्ते की गणना के लिए नए कैलकुलेटर की मांग की है। उनका सुझाव है कि महंगाई भत्ते की दर तय करने के लिए 12 महीने के औसत को तीन महीने के औसत से बदलना चाहिए। इससे कर्मचारियों को हर तीन महीने में वास्तविक मूल्य वृद्धि का मुआवजा मिल सकेगा।


कर्मियों के लिए अलग सूचकांक की मांग

कर्मियों और पेंशनरों के लिए अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक तैयार करने की भी मांग की गई है। एसबी यादव के अनुसार, बैंकिंग कर्मचारियों का डीए हर तिमाही में संशोधित किया जाता है। यदि जनवरी में मूल्य वृद्धि होती है, तो इसकी आंशिक भरपाई 12 महीनों के बाद की जाती है।


पॉइंट टू पॉइंट डीए की आवश्यकता

एसबी यादव ने कहा कि डीए की गणना और भुगतान हर तीन महीने में किया जाना चाहिए। इसके अलावा, पॉइंट टू पॉइंट डीए प्रदान किया जाना चाहिए। वर्तमान में, न्यूनतम मूल्य पर राउंड ऑफ किया जाता है, जिससे कर्मचारियों को वास्तविक लाभ नहीं मिल पाता।