केंद्र सरकार ने 'वंदे मातरम्' के सम्मान के लिए नया संशोधन विधेयक पेश किया
राष्ट्रीय गीत की गरिमा बनाए रखने के लिए नया विधेयक
केंद्र सरकार ने 'वंदे मातरम्' की गरिमा को बनाए रखने के लिए एक नया संशोधन विधेयक राज्यसभा में प्रस्तुत किया है। इस प्रस्तावित कानून के तहत, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर इस राष्ट्रीय गीत के गायन में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। इस कदम पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।
सरकार का तर्क: राष्ट्रीय सम्मान का संरक्षण
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इस संशोधन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर 'वंदे मातरम्' के गायन में रुकावट डालता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इस गीत की गरिमा की रक्षा करना आवश्यक है। भाजपा सांसद संजय सेठ ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए इसे राष्ट्रीय सम्मान से संबंधित कदम बताया।
विपक्ष ने संवैधानिक अधिकारों का मुद्दा उठाया
विपक्षी दलों ने इस विधेयक पर गंभीर आपत्तियां जताई हैं। माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की। उनका कहना है कि 'वंदे मातरम्' का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन इसके गायन को आपराधिक दायित्व से जोड़ना संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने अनुच्छेद 19, 21 और 25 का हवाला देते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संबंधित बताया।
राजनीतिक बहस में वृद्धि की संभावना
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी इस विधेयक का विरोध किया। उनका कहना है कि देशभक्ति का सम्मान आवश्यक है, लेकिन दंडात्मक कानून बनाते समय संवैधानिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में इस विधेयक पर संसद के भीतर और बाहर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
