केंद्र सरकार में संभावित फेरबदल से सहयोगियों की उम्मीदें बढ़ीं
सहयोगी दलों की नई उम्मीदें
केंद्र में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चा ने विभिन्न सहयोगी दलों में नई उम्मीदें जगा दी हैं। कई दलों को लगता है कि उन्हें नरेंद्र मोदी की सरकार में स्थान मिल सकता है। जदयू, जो पहले राज्यसभा के उप सभापति का पद रखता था, अब एक और मंत्री पद की उम्मीद कर रहा है। संजय झा के नाम की चर्चा हो रही है, साथ ही ललन सिंह के विभाग में बदलाव की भी बातें चल रही हैं।
भाजपा की सहयोगी, नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया, को हाल ही में 20 सांसद मिले हैं, जिनमें तृणमूल छोड़ने वाले सांसद शामिल हैं। इनमें से कुछ के मंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। एकनाथ शिंदे की शिवसेना को भी उद्धव ठाकरे की पार्टी से छह सांसद मिले हैं, जिससे उनकी संख्या 13 हो गई है। शिंदे अपने बेटे को मंत्री बनाना चाहते हैं।
शरद पवार की पार्टी में भी टूट की चर्चा है, जिससे एक मंत्री पद वहां भी जा सकता है। यदि विलय होता है, तो सुप्रिया सुले या बागियों में से कोई एक मंत्री बन सकता है। इसके अलावा, हेमंत सोरेन के सांसदों में से भी किसी के मंत्री बनने की संभावना है।
