केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया गोयल का बड़ा दावा और पुलिस के तकनीकी सबूत
मुख्य आरोपी का दावा
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में नए खुलासे लगातार सामने आ रहे हैं। मुख्य आरोपी सिया गोयल ने एक बड़ा बयान दिया है। उनके वकील का कहना है कि जांच एजेंसियों के पास ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जो सिया को सीधे तौर पर इस अपराध से जोड़ सके। दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य मामले की गुत्थी सुलझाने में मदद कर रहे हैं। इस प्रकार, जांच अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है।
वकील का बयान
सिया गोयल के वकील, आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि अब तक कोई स्वतंत्र गवाह नहीं मिला है जिसने घटना को अपनी आंखों से देखा हो। उन्होंने यह भी बताया कि जांच जारी है और इस समय किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। वकील ने यह भी कहा कि उनकी मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं।
पुलिस का तकनीकी साक्ष्यों पर भरोसा
पुणे ग्रामीण पुलिस का कहना है कि मामले में कई महत्वपूर्ण डिजिटल और तकनीकी सबूत सामने आए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच पिछले छह महीनों में लगातार संपर्क बना रहा। पुलिस इन रिकॉर्ड्स को जांच का अहम हिस्सा मान रही है और इनके आधार पर घटनाक्रम को समझने का प्रयास कर रही है।
कॉल रिकॉर्ड से उठे सवाल
जांच में यह सामने आया है कि दोनों के बीच छह महीनों में 2,004 बार फोन पर बातचीत हुई। पुलिस के अनुसार, कुल बातचीत का समय लगभग 238 घंटे रहा। कई बार फोन कॉल कई घंटों तक चलीं। अधिकारियों का मानना है कि यह लगातार संपर्क मामले की पृष्ठभूमि को समझने में मदद कर सकता है।
18 जून की घटना
जानकारी के अनुसार, 18 जून को 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उस समय वह अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ वहां मौजूद थे। घटना के बाद पुलिस ने कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू की और अब तक कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।
जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सच्चाई तक पहुंचने के लिए कई टीमें अलग-अलग स्तर पर काम कर रही हैं। सिया गोयल के परिवार और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि सभी तथ्यों की गहराई से जांच की जा रही है ताकि अदालत के सामने पूरी तस्वीर स्पष्ट रूप से रखी जा सके।
