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कैंपस प्लेसमेंट में नए जॉब रोल्स की बढ़ती मांग: फ्रेशर्स के लिए सुनहरा अवसर

कैंपस प्लेसमेंट का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, जहां कंपनियां अब केवल डिग्री के आधार पर नहीं, बल्कि उम्मीदवारों की कौशल और कार्य क्षमता पर ध्यान दे रही हैं। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, फ्रेशर्स की भर्ती में 73 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। नए जॉब रोल्स जैसे एआई मार्केटिंग एसोसिएट, जूनियर डेवऑप्स इंजीनियर, और नो-कोड वेबसाइट डेवलपर की मांग बढ़ रही है। जानें किन शहरों में इन पदों के लिए सबसे अधिक अवसर हैं और कैसे ये नए रोल्स युवाओं के लिए सुनहरा अवसर बन सकते हैं।
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कैंपस प्लेसमेंट का नया दौर

नई दिल्ली: कैंपस प्लेसमेंट का परिदृश्य अब पूरी तरह से बदल चुका है। कंपनियां अब केवल डिग्री के आधार पर उम्मीदवारों को नहीं चुन रही हैं, बल्कि उनकी कौशल और कार्य क्षमता पर भी ध्यान दे रही हैं। टीमलीज एडटेक द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि फ्रेशर्स की भर्ती में कंपनियों की रुचि 73 प्रतिशत तक बढ़ गई है। खास बात यह है कि नए पदों पर भर्ती हो रही है, जिनका पिछले साल कोई अस्तित्व नहीं था। एआई, ऑटोमेशन, क्लाउड टेक्नोलॉजी और डिजिटल परिवर्तन के इस युग में, आइए जानते हैं कि किन नए रोल्स की सबसे अधिक मांग है।


एआई मार्केटिंग एसोसिएट की बढ़ती मांग

मार्केटिंग के क्षेत्र में डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। नियोक्ता अब ऐसे फ्रेशर्स की तलाश कर रहे हैं जो एआई-आधारित टूल्स के साथ तुरंत काम कर सकें। इस भूमिका में युवाओं को कैंपेन कार्यान्वयन, विश्लेषण और प्रदर्शन ट्रैकिंग की जिम्मेदारी निभानी होती है। रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु, दिल्ली और कोच्चि में एआई मार्केटिंग एसोसिएट्स की सबसे अधिक मांग है।


जूनियर डेवऑप्स इंजीनियर के लिए अवसर

एक समय था जब डेवऑप्स केवल अनुभवी पेशेवरों के लिए था, लेकिन अब फ्रेशर्स भी इस क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं। आईटी सेक्टर में भर्ती की मांग 81 प्रतिशत तक पहुंच गई है। आईटी कंपनियां अब ऐसे जूनियर इंजीनियरों की तलाश कर रही हैं जिन्हें लिनक्स, स्क्रिप्टिंग, क्लाउड और सीआई/सीडी पाइपलाइन की अच्छी जानकारी हो। बेंगलुरु, मुंबई और कोयंबटूर इस भूमिका के लिए प्रमुख हायरिंग हब बन गए हैं।


नो-कोड वेबसाइट डेवलपर की बढ़ती लोकप्रियता

टेक्नोलॉजी में नो-कोड वेबसाइट डेवलपर की मांग एक महत्वपूर्ण बदलाव है। अब पारंपरिक कोडिंग की जगह नो-कोड प्लेटफॉर्म्स का उपयोग किया जा रहा है। पेशेवर बिना लंबे कोड लिखे बेहतरीन वेबसाइट और एप्लिकेशन बना रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग सेक्टर की कंपनियां ऐसे युवाओं को नौकरी दे रही हैं जिन्हें यूआई/यूएक्स और नो-कोड टूल्स की गहरी जानकारी हो। पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद में इन स्किल्स वाले उम्मीदवारों की तलाश की जा रही है।


एआई चैटबॉट सपोर्ट इंजीनियर की नई भूमिका

कस्टमर सपोर्ट का तरीका अब पूरी तरह से हाई-टेक हो गया है। कंपनियां अब सपोर्ट टीम में ऐसे युवाओं को शामिल कर रही हैं जो एआई चैटबॉट को संभाल सकें और ग्राहकों की तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान कर सकें। इस तरह की नौकरियों के लिए एआई की समझ होना आवश्यक है। चेन्नई, पुणे और कोच्चि में इन विशेष पदों पर लगातार भर्तियां हो रही हैं।


स्मार्ट ग्रिड ऑटोमेशन तकनीशियन की आवश्यकता

नौकरियों में हो रहा यह बड़ा बदलाव केवल आईटी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। ऊर्जा और बिजली के क्षेत्र में भी नए प्रकार के जॉब रोल्स उभर रहे हैं। इस क्षेत्र में स्मार्ट ग्रिड ऑटोमेशन तकनीशियनों की भारी मांग है, जो नई ऊर्जा तकनीक और ऑटोमेशन सिस्टम को संभाल सकें। इस क्षेत्र में ऑटोमेशन और कंट्रोल सिस्टम की जानकारी रखने वाले फ्रेशर्स के लिए अहमदाबाद, चेन्नई और कोच्चि में शानदार करियर के अवसर उपलब्ध हैं।