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कैलिफोर्निया में 'हीलर' पर यौन शोषण के आरोप, 73 वर्षीय पाल सिंह गिरफ्तार

कैलिफोर्निया में 73 वर्षीय पाल सिंह पर चार महिलाओं के साथ यौन शोषण के आरोप लगे हैं। आरोपी, जो खुद को 'हीलर' बताता था, बिना लाइसेंस के क्लिनिक चला रहा था। गिरफ्तारी के बाद, उसने भारी जमानत पर रिहाई पाई। पुलिस को अन्य पीड़ितों की भी आशंका है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और आरोपी के खिलाफ उठाए गए कदम।
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कैलिफोर्निया में यौन शोषण का मामला

कैलिफोर्निया: अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक 73 वर्षीय बुजुर्ग, जो खुद को 'हीलर' और एक्यूप्रेशर थैरेपिस्ट बताता था, पर चार महिलाओं के साथ गंभीर यौन शोषण और छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं। सेल्मा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह सामने आया कि आरोपी बिना किसी चिकित्सा या थैरेपी लाइसेंस के अपने घर पर अवैध क्लिनिक चला रहा था और दर्द निवारक मसाज के बहाने महिलाओं के साथ अश्लील हरकतें करता था। गिरफ्तारी के तुरंत बाद, आरोपी ने लगभग 2 लाख डॉलर (लगभग 1.92 करोड़ रुपये) का जमानत राशि भरकर जेल से रिहाई पाई।


जून 2023 से जुलाई 2025 के बीच की घटनाएं
पुलिस की जांच के अनुसार, यौन उत्पीड़न की ये घटनाएं जून 2023 से जुलाई 2025 के बीच हुईं। आरोपी पाल सिंह सेल्मा में अपने निवास से यह फर्जी इलाज का धंधा चला रहा था। सिख समुदाय में खुद को आध्यात्मिक और प्राकृतिक हीलर बताने वाले पाल सिंह के पास कैलिफोर्निया के विभिन्न शहरों और कनाडा से भी लोग इलाज के लिए आते थे। वह सोशल मीडिया पर अपने कथित चमत्कारी इलाज के वीडियो और तस्वीरें साझा करके मरीजों को आकर्षित करता था। जब पीड़ित महिलाओं ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से शिकायत की, तब इस धोखेबाज के काले कारनामों का पर्दाफाश हुआ।


कोर्ट में बेकसूर बताया, अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को
सेल्मा पुलिस ने पाल सिंह को 8 सितंबर को गिरफ्तार किया था, और 10 सितंबर को उसे भारी जमानत राशि पर रिहाई मिल गई। अदालत में आरोपी के वकील ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पाल सिंह का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह केवल अपने परिवार का भरण-पोषण करना चाहता है। पाल सिंह ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया है। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर 2026 को होगी।


पुलिस को और पीड़ितों की आशंका
सेल्मा पुलिस विभाग के कमांडर टिम कैनन ने बताया कि इस मामले में पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में पुलिस को पाल सिंह के खिलाफ मौखिक शिकायतें मिली थीं, लेकिन लोक-लाज और डर के कारण महिलाएं औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से कतराती रहीं। चूंकि मरीज फ्रेस्नो काउंटी के बाहर से भी आते थे, पुलिस ने सार्वजनिक अपील की है कि यदि किसी अन्य महिला के साथ भी आरोपी ने बदसलूकी की है, तो वे निडर होकर पुलिस से संपर्क करें।


भारत में ग्रंथी, अमेरिका में एक्यूप्रेशर का धंधा
कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों से पता चला है कि पाल सिंह ने लगभग 20 वर्ष की आयु में भारत में एक गुरुद्वारे में ग्रंथी के रूप में सेवा की थी। अमेरिका आने के बाद उसने एक्यूप्रेशर और थैरेपी का काम शुरू किया, जिसके लिए उसने कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं ली थी, बल्कि ऑनलाइन ट्रेनिंग का दावा किया था। रिकॉर्ड के अनुसार, पाल सिंह ने 2010 से 2016 तक सेल्मा के 'सिख सेंटर ऑफ द पेसिफिक कोस्ट' गुरुद्वारे में भी ग्रंथी के रूप में सेवाएं दी थीं। इस पवित्र पृष्ठभूमि का लाभ उठाकर वह महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर घिनौनी वारदातें कर रहा था।