कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रवक्ता विजेता दहिया को हटाया, विवाद बढ़ा
प्रवक्ता का निलंबन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को उनके असंवेदनशील व्यवहार के कारण पद से हटा दिया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह प्रदर्शन स्थल से दूर दिखाई दिए। इस वीडियो के बाद उन्होंने कुछ ऐसे बयान दिए, जिनकी वजह से उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। CJP ने उनके व्यवहार को अस्वीकार्य बताते हुए कार्रवाई की है।
प्रदर्शन के दौरान की स्थिति
सोमवार को जब प्रदर्शनकारी और पुलिस आमने-सामने थे, उस समय विजेता दहिया कहीं और थे। उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वह बर्गर खा रहे थे और एक वीडियो में कहा कि लोग उन्हें नहीं चुनते और न ही वह उनकी नौकरी करते हैं। उनका बर्गर खाते का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
CJP का बयान
CJP ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, 'हम विजेता दहिया के असंवेदनशील रवैये की कड़ी निंदा करते हैं। जब हमारे प्रदर्शनकारी पुलिस की बर्बरता का सामना कर रहे थे, तब उनका यह व्यवहार बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।' इसके चलते उन्हें पार्टी के प्रवक्ता पद से हटा दिया गया है और सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया है।
वायरल वीडियो का विवाद
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में विजेता दहिया बर्गर आउटलेट पर दिखाई देते हैं। वीडियो में कुछ लोग उनसे सवाल करते हैं कि जब प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे थे, तब वह बर्गर क्यों खा रहे थे। हालांकि, वीडियो की समय और परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
दहिया का स्पष्टीकरण
विजेता दहिया ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वह पिछले डेढ़ महीने से आंदोलन में सक्रिय थे और हाल ही में ठीक से सो नहीं पाए थे। उन्होंने यह भी कहा कि बर्गर खाना इतना बड़ा मुद्दा क्यों बना। दहिया ने कहा कि उन्हें आंदोलन में भाग लेने के लिए कोई पैसे नहीं देता और वह देश के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने बर्गर नहीं खाया क्योंकि उसमें मैदा और ट्रांस फैट था।
पिछले विवाद
यह पहली बार नहीं है जब विजेता दहिया विवादों में आए हैं। इससे पहले भी ट्रांसजेंडर समुदाय और महिलाओं के प्रति उनके कुछ बयानों पर सोशल मीडिया पर बवाल मचा था। वर्तमान में CJP जंतर-मंतर पर परीक्षा घोटालों और अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। पार्टी की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था और कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।
